रायबरेली। विजयदशमी पर असत्य और बुराई के रास्ते पर चलने वाला अहंकारी रावण पराजित होगा। बुधवार को राम के बाण से रावण धू धू करके जलेगा। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में मेला लगेगा। कोरोना काल के बाद पहली बार दशहरा पर्व पर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। सभी राम और रावण युद्ध का मंचन देखने को आतुर है। विजयदशमी को लेकर जिले भर में भव्य आयोजन की तैयारियां की गई हैं।
जिले में बुधवार को 59 स्थानों पर रावण दहन होगा। वहीं मेला भी लगेगा। इसमें करीब एक लाख लोगों के शिरकत करने का अनुमान है। शहर में सुरजूपुर, अहियारायपुर, खालीसहाट, आईटीआई, गोरा बाजार, दरीबा में भव्य तरीके से रावण दहन के साथ ही मेला लगेगा।
सुरजूपुर में 10 जबकि खालीसहाट में होने वाले कार्यक्रम में करीब चार हजार लोग जुटेंगे। रामलीला मंचन के दौरान पहले राम-रावण के बीच युद्ध होगा जिसमें राम के बाण से रावण धराशायी होगा। शहर में रावण दहन कार्यक्रम की सुरक्षा ड्रोन के जरिए होगी। शहर के अलावा देहात क्षेत्रों में ऊंचाहार, सलोन, जगतपुर समेत अन्य जगहों पर भी रावण दहन कार्यक्रम और मेला लगेगा।
ये संभालेंगे सुरक्षा का मोर्चा
एसपी 01
एएसपी 01
सीओ 07
निरीक्षक 59
थानेदार 20
सिपाही 700
शहर के सुरजूपुर में 40 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है। रामलीला कमेटी सुरजूपुर के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव कहते हैं कि पिछली बार रावण का पुतला बनाने में 10 हजार, जबकि आतिशबाजी में 35 हजार का खर्चा आया था। इस बार रावण का पुतला बनाने में 10 हजार, जबकि आतिशबाजी में 45 हजार रुपये देने पड़ेंगे। इसके अलावा अन्य खर्च भी होते हैं।
खालीसहाट में भी भव्य रावण दहन और मेला लगता है। यहां पर भी शहर ही नहीें, बल्कि दूरदराज से लोग राम-रावण के युद्ध का मंचन और मेला देखने आते हैं। रामलीला कमेटी खालीसहाट के अध्यक्ष स्वप्निल श्रीवास्तव कहते हैं कि इस बार 30 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार महंगाई होने से रावण दहन में ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
जिले में दशहरा को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर में होने वाले आयोजनों में ड्रोन के जरिये अराजकतत्वों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी ने माहौल खराब करने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आलोक प्रियदर्शी, एसपी