शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। विद्युत लाइनों में फॉल्ट की वजह से 30 हजार उपभोक्ताओं के घरों की आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश के बाद मौसम और सर्द हो गया।
इससे बचने के लिए लोगों ने स्वेटर और शॉल निकाल लिए। उड़ान अकादमी के मुताबिक मंगलवार को जिले में 12.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम का मिजाज मंगलवार सुबह से ही ठीक नहीं था। कई इलाकों में कोहरा भी पड़ा। इसके बाद कभी बदली छाती तो कहीं धूप निकल आती।
शाम करीब चार बजे के बाद अचानक मौसम ने तेवर बदले। आसमान काले बादलों से घिर गया और देखते ही चारों तरफ अंधेरा छा छा गया। इसके बाद देर शाम पहले तेज आंधी आई फिर झमाझम बारिश हुई।
इसमें सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ, जिनकी धान की फसल खेत में कटी पड़ी थी। आंधी में फसल उड़ गई, वहीं रही सही कमी बारिश ने पूरी कर दी।
फिलहाल अब कुछ दिन तक किसान भीगी धान की फसल की पिटाई नहीं कर सकेंगे। कई स्थानों पर पेड़ और डाल टूटकर गिरने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वहीं आंधी और बारिश के बाद त्रिपुला ट्रांसमिशन से निकले इंदिरा नगर फीडर और अटौरा फीडर में फॉल्ट आ गया।
वहीं महराजगंज ब्लॉक क्षेत्र में कुबना के पास बिजली का तार टूट कर गिर गया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिलना बंद हो गई।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन अशोक कुमार ने बताया कि बारिश और आंधी के कारण सप्लाई बाधित है। फॉल्ट खोजने और उसे ठीक करने का काम चल रहा है।