रायबरेली। शहर के विद्युत उपकेंद्र गोराबाजार से जुड़े करीब छह हजार उपभोक्ताओं को रविवार को बिजली संकट से जूझना पड़ा। बिजली आपूर्ति बंद होने से गर्मी और उमस से लोग बेहाल रहे।
उपभोक्ताओं ने जब जानकारी की तो पता चला कि मरम्मत कार्य के लिए बिजली काटी गई है। लगातार चार घंटे बिजली की कटौती से लोगों में नाराजगी रही।
गोराबाजार विद्युत उपकेंद्र से करीब छह हजार उपभोक्ताओं को बिजली मिलती है। रविवार सुबह 10 बजे अचानक बिजली गुल हो गई।
कुछ देर बाद भी जब बिजली नहीं आई तो लोग संबंधित अभियंताओं व पावर हाउस में फोन करने लगे। काफी देर बाद पता चला कि 33 केवी लाइन के नीचे लगे पेड़ों की छंटाई की जा रही है। बिजली न आने से राजकीय कॉलोनी, गोराबाजार, बस्तेपुर, सम्राट नगर समेत कई मोहल्ले के लोग परेशान दिखे।
दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति शुरू हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह खुशी बहुत देर तक नहीं बनी रही। इसके बाद भी कटौती और ट्रिपिंग होती रही।
उपभोक्ता राजू यादव, मनीष कुमार, अंश बाजपेयी ने बताया कि अनुरक्षण कार्य गर्मी से पहले कराया जाता है, लेकिन अभियंताओं को उस समय याद आती है, जब बिजली की मांग अधिक रहती है। अधीक्षण अभियंता विवेक अग्रवाल ने बताया कि अनुरक्षण कार्य के चलते आपूर्ति बंद थी।
ओवरलोड फीडर से गांवों को नहीं मिल रही बिजली
अमावां। सिंधौना विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अवर अभियंता की मनमानी से लोगों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। ओवरलोड फीडर पर और बोझ डाल दिया गया है। इस वजह से उपभोक्ताओं की दुश्वारियां और बढ़ गईं हैं।
सिंधौना विद्युत उपकेंद्र से चार फीडर अमावां, चांदपुर, लोधवामऊ, रसेहता फीडर निकले हैं। ट्रिपिंग और अघोषित कटौती से लोगों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। उपभोक्ता धीरेंद्र यादव, गुड्डू गुप्ता, विमल, विष्णु मौर्य, राजनारायण, राकेश कुमार ने बताया कि त्रिपुला विद्युत उपकेंद्र से निकले राही फीडर के कई गांवों को सिंधौना उपकेंद्र से निकले रसेहता फीडर से जोड़ दिया गया है।
इस वजह से रसेहता फीडर ओवरलोड हो गया है। ओवरलोड के चलते भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। सिधौना के जेई अमन सिंह ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत राही फीडर के संदीराम, संदीनागिन, दाउदनगर, दीना का पुरवा, बरगदिहा, बैजू का पुरवा, गडरियन का पुरवा, पचवड़, खदरी, मखदुमपुर गांव को सिंधौना के रसेहता फीडर से जोड़ा गया है, क्योंकि राही फीडर ओवरलोड होने के कारण इन गांवों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही थी। बिजली की मांग कम होने पर इन गांवों को फिर अलग कर दिया जाएगा।