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मरीज की मौत पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में तोड़फोड़, स्टाफ को पीटा

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रायबरेली में रविवार की रात इमरजेंसी में हुई तोडफ़ोड़ के बाद बिखरा सामान। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में रविवार की रात मरीज की मौत के बाद बवाल हो गया। गुस्साए तीमारदारों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए न सिर्फ तोड़फोड़ की, बल्कि वार्ड ब्वॉय समेत अन्य स्टाफ की पिटाई कर दी। इमरजेंसी कक्ष में रखी दवाएं नष्ट कर दीं। मेज, कुर्सी तोड़ डाली। ईएमओ के साथ भी हाथापाई की। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई। करीब आधा घंटे तक इमरजेंसी कक्ष में बवाल चला। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी कक्ष में रविवार की रात ईएमओ डॉ. अनुराग शुक्ल ड्यूटी पर थे। रात करीब दो बजे कुछ लोग लड्डन नाम का मरीज जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जिला अस्पताल में तैनात ईएमओ का आरोप है कि मरीज का तुरंत इलाज किया गया। वार्ड में भर्ती करके उसे आक्सीजन लगाया गया। मरीज गंभीर बीमारी से पीड़ित था। इससे मरीज की मौत हो गई। तीमारदार इलाज में बरती गई लापरवाही से मरीज की मौत का आरोप लगाते हुए उग्र हो गए। खफा तीमारदारों ने इमरजेंसी कक्ष में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सी, मेज तोड़ डाली। दवाएं नष्ट कर दीं। विरोध करने पर ईएमओ के साथ हाथापाई की।
वार्ड ब्वॉय लवलेश समेत अन्य स्टाफ की पिटाई कर दी। बवाल केे चलते इलाज कराने आए अन्य मरीज व तीमारदार भाग खड़े हुए। सूचना मिलने पर कोतवाल राघवन कुमार सिंह मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की। ईएमओ ने बताया कि मरीज को सांस के साथ ही हार्ट संबंधित दिक्कत थी। मरीज का इलाज शुरू किया गया, लेकिन गंभीर होने के कारण मरीज की मौत हो गई।
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कोतवाल ने बताया कि ईएमओ की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ इमरजेंसी कक्ष में तोड़फोड़, स्टाफ के साथ मारपीट, ईएमओ से हाथापाई और सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कर लिया गया है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस कर्मियों का नहीं रहा खौफ
इमरजेंसी कक्ष से ही चंद कदम दूरी पर पुलिस चौकी स्थापित कराई गई है। पुलिस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का दावा करती है, लेकिन रविवार की रात की घटना ने चौकी पुलिस की सुरक्षा की पोल खोल दी। आधा घंटे तक इमरजेंसी कक्ष में बवाल होता रहा। बावजूद पुलिस कर्मियों का तीमारदारों पर कोई खौफ नहीं दिखा। पुलिस कर्मी मूकदर्शक बन रहे। कोतवाल पहुंचे तो स्थिति संभली। बवाल के बाद इमरजेंसी कक्ष का स्टाफ घबराया हुए था और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा था।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में रविवार की रात कुछ लोगों ने तोड़फोड़ के साथ ही स्टाफ से मारपीट की। मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। -डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल
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