रायबरेली। लाडलों में पूर्ण प्रतिरक्षण में जिला सबसे पीछे चल रहा है। समीक्षा में खराब प्रगति मिलने पर अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. जीएस बाजपेयी ने सभी 19 सीएचसी के अधीक्षकों को चेतावनी जारी की है। सबसे खराब प्रगति पर पांच सीएचसी अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है। उन्होंने अधीक्षकों को जमकर फटकार लगाते हुए एक सप्ताह में शत-प्रतिशत प्रगति लाने के आदेश दिए हैं।
गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों से रूटीन टीकाकरण कराया जाता है। समय पर बच्चों में सभी टीके लगाए जाने के आदेश दिए हैं, लेकिन अपर निदेशक ने समीक्षा की तो खीरों में सबसे कम मात्र 57 प्रतिशत ही पूर्ण प्रतिरक्षण मिला।
इसी तरह चार और सीएचसी की प्रगति बेहद खराब मिली। मामले में अपर निदेशक ने अधीक्षकों को जमकर फटकार लगाई। खीरों सीएचसी अधीक्षक डॉ. इफ्तिखार अहमद, लालगंज अधीक्षक डॉ. राजेश गौतम, ऊंचाहार अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला, महराजगंज अधीक्षक डॉ. राधाकृष्ण और बेलाभेला अधीक्षक डॉ. एके राय को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा।
इसके अलावा इन सीएचसी के अलावा, जगतपुर, सलोन, डीह, बछरावां, जतुआ-टप्पा, हरचंदपुर सहित सभी 19 सीएचसी अधीक्षकों को चेतावनी देकर पूर्ण टीकाकरण में शत प्रतिशत प्रगति लाने के आदेश दिए।
पूर्व प्रतिरक्षण के सबसे खराब ब्लॉक
ब्लॉक प्रतिशत में प्रगति
खीरों 57.00
लालगंज 56.90
ऊंचाहार 62.10
महराजगंज 63.70
राही 65.40
मच्छरदानी वाले पांच-पांच बेड लगाएं, बुखार के मरीजों की जांच हो
अपर निदेशक ने संक्रामक रोगों से निपटने के लिए जिले की सभी सीएचसी में पांच-पांच बेडों पर मच्छरदानी लगवाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी अधीक्षकों को निर्देश दिए कि ओपीडी में आने वाले बुखार के रोगियों के सैंपल लेकर उनकी जांच जरूर कराई जाए। जिन गांवों में जिनके यहां मच्छरों के लार्वा जांच में मिले हैं, उन्हें नोटिस दी जाए।
पूर्ण प्रतिरक्षण के मामले में खराब प्रगति पर पांच अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस व सभी 19 अधीक्षकों को चेतावनी दी गई है। अपर निदेशक के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने के आदेश दिए गए हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ