रायबरेली। ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकली शारदा सहायक पुरवा ब्रांच नहर और उससे जुड़ी करीब छह माइनरों में पानी नहीं आ रहा है। इससे किसानों की फसलें सूख रही हैं। किसानों ने बताया कि आलू, सरसों और गेहूं की पहली सिंचाई करनी है।
नहरों में पानी नहीं आने से निजी नलकूप के भरोसे सिंचाई करनी पड़ रही है। इसके लिए 150 प्रतिघंटा रुपया चुकाना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि दो महीने पहले सफाई का काम शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नही हुआ है।
शारदा सहायक पुरवा ब्रांच नहर से मानपुर, दुकनहा, खीरों, गोनामऊ आदि माइनरें निकली है। 10 हजार किसान अपनी दो हजार एकड़ भूमि पर खेती करते हैं। आलू, सरसों के अलावा अधिकांश किसान की गेहूं बुआई कर चुके हैं। अक्टूबर से नहर में पानी नहीं छोड़ा गया।
उदवतपुर के किसान जगदेव यादव, खीरों के उरफान खां, मानपुर के किसान रमेश सिंह, देवगांव के किसान लालबहादुर सिंह, राहुल सिंह, अतरहर के रिंकू सिंह, लोदीपुर के रमेश यादव ने बताया कि पानी नहीं आने के निजी नलकूपों से फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है।
शारदा सहायक पुरवा ब्रांच नहर उन्नाव के अवर अभियंता सौरभ यादव ने बताया कि माइनर व उनकी शाखाओं की सिल्ट सफाई के लिए अक्टूबर में पानी बंद किया था। सिल्ट सफाई कार्य पूरा होते ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।