बछरावां (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में रविवार को बांदा-बहराइच राजमार्ग स्थित नंदाखेड़ा गांव के पास डंपर और बोलेरो में आमने-सामने भिड़़ंत हो गई। हादसे में बोलेरो सवार चालक समेत तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक ने लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायल एक युवक का इलाज लखनऊ में चल रहा है।
फतेहपुर जिले के किशुनपुर थाना क्षेत्र के सरौली गांव से पांच लोग लखीमपुर खीरी जिले में तिलक चढ़ाने के बाद बोलेरो से गृह जनपद लौट रहे थे। रविवार भोर 4:30 बजे बछरावां कोतवाली क्षेत्र के नंदाखेड़ा गांव के पास फतेहपुर की ओर से आ रहे गिट्टी लदे डंपर से बोलेरो टकरा गई। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी।
थोड़ी ही देर में कोतवाल नारायण कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बोलेरो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। हादसे में फतेहपुर जिले के किशुनपुर थाना क्षेत्र के सरौली निवासी अनुगृह प्रताप (40), गप्पू (40), इटैलीपुर गांव निवासी बोलेरो चालक राजेश सिंह (50) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पहुरा गांव निवासी राजकुमार सिंह (40) व सरौली निवासी सुरेश अग्रहरी (30) गंभीर रूप से घायल हो गए।
सीएचसी बछरावां से दोनों को हालत गंभीर होने पर लखनऊ ट्राॅमा सेंटर रेफर कर दिया गया। लखनऊ में घायल सुरेश के भाई अवधेश ने बताया कि सुरेेश ने भी इलाज के दौरान देर शाम दम तोड़ दिया। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक ने लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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विजय सिंह की बेटी का तिलक चढ़ानेे गए थे
फतेहपुर जिले के किशुनपुर थाना क्षेत्र के सरौली गांव विजय सिंह की बेटी नेहा का तिलक चढ़ाने गांव के लोग भी लखीमपुर खीरी गए थे। रिश्तेदार राजेेश सिंह ने बताया कि नेहा उनकी भांजी है। नेहा डॉक्टर है। जिस लड़के से भांजी की शादी हो रही है, वह भी डॉक्टर है। तिलक चढ़ाने के बाद घर लौटते समय हादसा हुआ। हादसे में गांव के दो लोगों व बोलेरो चालक की मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए।
शव लेने पहुंचे रायबरेली
फतेहपुर जिले के खागा थाना क्षेत्र के सितौली सिंह निवासी तुलसी सिंह, बुधवन गांव निवासी बबलू सिंह, इटैलीपुर निवासी रामचल समेत अन्य लोग हादसे की खबर पाकर रायबरेली पहुंचे। तुलसी सिह ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले अनुगृह और गप्पू एक ही परिवार के थे। अनुगृह रिश्ते में गप्पू का चाचा लगता था। विजय की बेटी का तिलक चढ़ाने के बाद गांव के लोग घर लौट रहे थे। फतेहपुर से रायबरेली आए लोग शव लेकर चले गए।