रायबरेली। कोरोना संक्रमण से बचाव का एकमात्र सहारा टीका ही है पर जिले के लोगों का बूस्टर डोज लगवाने से मोहभंग हो चुका है।
कई महीने बाद जिले को 15 हजार डोज वैक्सीन मिली। हालांकि इसे लगवाने लोग सेंटर पर नहीं पहुंच रहे हैं। सात दिन में महज 1700 लोगों ने ही टीका लगवाया है। जबकि जिले में करीब 16 लाख लोगों को बूस्टर डोज लगना बाकी है।
जिले में 24.68 लाख लोगों को कोरोना की पहली और 24.23 लाख लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। पर बूस्टर डोज सिर्फ 8.23 लाख लोगों ने ही लगवाई है। तकरीबन 16 लाख लोगों को बूस्टर डोज का टीका लगना बाकी है। पिछले डेढ़ महीने से वैक्सीन के अभाव में टीकाकरण प्रभावित रहा।
जिला कोल्डचेन प्रबंधक अनिरुद्ध शुक्ला ने बताया कि बीती 18 जनवरी से जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी में बूस्टर डोज लगने लगी है। अब तक मात्र 1700 लोगों ने ही टीका लगवाया है। जिले को 15 हजार डोज वैक्सीन मिली है। जो सभी टीकाकरण सेंटरों पर उपलब्ध है। टीके को लेकर लोगों में उत्साह नहीं दिख रहा है। इसी कारण शासन से और वैक्सीन नहीं मंगवाई है।
खतरा टला नहीं, बूस्टर डोज जरूर लगवाएं लोग : सीएमओ
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह के मुताबिक कोरोना का खतरा अभी बिल्कुल टला नहीं है। टीके को लेकर लोग जागरूक बनें और जिले में लक्ष्य के सापेक्ष टीकाकरण पूरा कराने में सहयोग करें, जिससे जिला कोरोना से जंग में सबसे आगे रहे।