रायबरेली। जिले में रविवार को अचानक मौसम ने करवट ले ली। बूंदाबांदी के बीच बदली छाने से अचानक ठिठुरन बढ़ गई। शाम को हवा चलने से सर्दी फिर बढ़ गई। सर्दी से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। रविवार की छुट्टी होने के कारण अधिकतर लोग घरों में ही दुबके रहे।
पिछले कई दिनों से कोहरे व बादल छाने से कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। इधर, पांच दिनों से धूप निकलने से कुछ राहत थीे। इसी बीच रविवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। बदली छा गई। सुबह शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सर्द हो गया। बूंदाबांदी के बीच हवा चलने से लोगों की कंपकंपी छूट आई।
सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव के ईद-गिर्द नजर आए। अचानक बदले मौसम के मिजाज से ठंड फिर लौट आई और लोगों को सर्दी का अहसास होने लगा है। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी (इग्रुआ) के मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रविवार को न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम तापमान 21.06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हल्की बूंदाबांदी गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद
रायबरेली-महराजगंज। हल्की बूंदाबांदी सेे जिले में गेहूूं की फसल की बोआई करने वाले किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। बूंदाबांदी से सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। इस समय फसल को पानी की जरूरत थी। जिले में इस बार एक लाख 33 हजार हेक्टेेअर क्षेत्रफल पर गेहूूूं की फसल की बोआई की गई है। इस समय गेहूं की फसल को हल्की बारिश की जरूरत थी। रविवार को हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे गेहूं की फसल के खेतों में नमी आ गई।
जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी गेहूूं की फसल के लिए मुफीद है। खेतों में नमी से फसल अच्छी होगी। सरसों की फसल को भी फायदा हुआ है। उधर, महराजगंज क्षेत्र के सेनपुर के रहने वाले किसान मनोज ने बताया कि सरसों की फसल में माहू रोग लग रहा था। बूंदाबांदी से फसल से माहू रोग हट जाएगा। बरहुआं गांव के किसान सतीश द्विवेदी ने बताया कि मौसम के बदलने से बरसात होती है तो किसानों को रबी की फसलों के लिए अतिरिक्त सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बूंदाबांदी सेे गेहूं की फसल को संजीवनी मिल गई है।