लालगंज (रायबरेली)। केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने (आरेडिका) का दौरा किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल से मॉडर्न रेल कोच फैक्टरी (एमसीएफ) में दुनिया के सबसे अत्याधुनिक वंदेभारत रेल कोचों का निर्माण शुरू हो जाएगा।
इसके लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने 80 बर्थ वाले गरीब रथ के पांच एसी कोचों को महिला सफाई कर्मियों से फीता काटकर लोकार्पण किया और उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का न तो निजीकरण होगा और न ही निगमीकरण किया जाएगा।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से यहां बनने वाले रेल कोच दुनिया के देशों में निर्यात होंगे। आने वाले समय में दुनिया की सबसे अच्छी तकनीक का उपयोग करके यहां हाई स्पीड ट्रेनें बनाई जा सकती हैं।
पीएम मोदी का रेलवे से भावनात्मक लगाव है। रेलवे से उनका बचपन से संबंध है। रेल के हर आयाम को प्रधानमंत्री ने विकसित करने का प्रयास किया। कहा कि पिछली सरकारों में रेलवे के विकास के लिए खजाना खाली रहता था। मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी तो बजट दोगुना किया गया। पहले एक दिन में 4 किलोमीटर का काम होता था। अब एक दिन में 12 किलोमीटर की रेल लाइन बनाई जा रही है।
मंत्री ने कहा कि एमसीएफ के आधुनिकीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। कहा कि जो देश हम पर हुकूमत करते थे, उन देशों में अब भारत की बनी ट्रेन दौड़ेगी। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। दुनिया की सबसे बेहतरीन ट्रेन एमसीएफ में निर्मित होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए 1109 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे पहले कोच फैक्टरी के महाप्रबंधक एसएस कलसी ने रेल मंत्री का स्वागत किया।
मंत्री ने आरेडिका के सेल, बोगी शॉप, फर्निशिंग शॉप में चल रहे डिब्बों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस मौके पर वित्त सलाहकार जेएन पांडेय, सीएमएम संदीप शुक्ला, केके कनौजिया, डिप्टी सीएमई वीके दुबे, सीपीआरओ आरएन तिवारी, अधिशाषी अभियंता एलबीएस मौर्या, घनश्याम चौरसिया आदि मौजूद रहे। उधर, राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।
कोच फैक्टरी का पैदल ही किया निरीक्षण
रेल मंत्री ने पूरे कारखाने का पैदल ही निरीक्षण किया। वह पैदल ही कोच फैक्टरी में बनी विभिन्न शॉप पहुंचे और बारीकी से चीजों को देखा। अमूमन कोई मंत्री व अफसर जब भी यहां निरीक्षण पर आए तो बैटरी वाली गाड़ी पर बैठकर कारखाने का मुआयना किया।
कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
रेल कोच फैक्टरी मेंस यूनियन के नेता रोहित मिश्रा, राकेश तिवारी, बलिराम यादव ने रेल मंत्री को ज्ञापन देकर कर्मचारियों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान पुरानी पेंशन को लेकर नारेबाजी भी की गई। आरसीएफ मेंस कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ओझा, नैब सिंह, प्रवीण तिवारी ने पुरानी पेंशन बहाल करने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। मजदूर संघ के सुशील गुप्ता और एससी/एसटी यूनियन के रूकुमकेश मीना, देवनाथ निर्मल ने निगमीकरण का कोई प्रस्ताव न होने के मंत्री के ऐलान का स्वागत किया।