रायबरेली। जिले में कैंसर सहित अन्य जटिल बीमारियों के इलाज के लिए जल्द दवा की फैक्टरी स्थापित होगी। फैक्टरी बनाने के लिए रास्पा फॉर्मा ने शहर के औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथाॅरिटी (यूपीएसआईडीसी) से जमीन की डिमांड की है। जल्द ही जमीन की व्यवस्था व अन्य औपचारिकताएं पूरी कराकर 2024 से यहां दवा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
इन्वेस्टर्स समिट में जिले में 16 सेक्टर में 3171.55 करोड़ से 172 उद्यम लगाने के लिए निवेशक सामने आए हैं। एमएसएमई के अलावा हाउसिंग, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य, डेयरी, औद्योगिक विकास प्राधिकरण आदि क्षेत्र में प्रस्ताव देने के बाद निवेशकों ने अपने स्तर से काम शुरू कर दिया है। ओएनएस इंटरप्राइजेज के निदेशक आलोक सिंह ने सल्फर फर्टिलाइजर के निर्माण के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है। लाइसेंस मिलते ही तीन माह में स्ट्रक्चर तैयार कर फर्टिलाइजर का उत्पादन का लक्ष्य है। शहर के औद्योगिक क्षेत्र-दो में 100 करोड़ की लागत से सीमेंट फैक्टरी लगेगी। निवेशक अखिलेश पांडेय का कहना है कि जमीन की डिमांड की गई है। जमीन मिलते ही इसी साल काम शुरू कराएंगे।
लखनऊ की रास्पा फॉर्मा ने 107 करोड़ रुपये की लागत से शहर के औद्योगिक क्षेत्र में दवा फैक्टरी स्थापित करने के लिए यूपीएसआईडीसी से जमीन की डिमांड की है। रास्पा फॉर्मा के निदेशक राम अग्रवाल का कहना है कि फैक्टरी के लिए औद्योगिक क्षेत्र-दो में जमीन चिह्नित हो गई है। यूपीएसआईडीसी से जमीन मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। हालांकि दवा के प्रोडक्शन का काम शुरू करने में डेढ़ साल लग जाएंगे। यहां कैंसर के अलावा अन्य जटिल रोगों की दवाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ में दो साल से कई दवाओं का प्रोडक्शन चल रहा है।
सरेनी में उगाएंगे नैपियर घास, रोज बनेगी 750 मीट्रिक टन सीएनजी
करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से जय एमडी एग्रो ग्रीन सरेनी ब्लॉक के पूरे पांडेय में कारोबार शुरू करेगी। कुछ जमीन खरीदने के साथ ही सरकार से भी जमीन की डिमांड की गई है। यहां रोजाना 750 मीट्रिक टन सीएनजी तैयार की जाएगी। गैस बनाने के लिए नैपियर घास भी उगाई जाएगी। यहां कारोबार शुरू होने के बाद 150 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी के निवेशक कुंवर देवेंद्र सिंह का कहना है कि जल्द ही काम शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। 2024 में ही सीएनजी का उत्पादन शुरू हो पाएगा।
निवेशकों को उद्यम स्थापित कराने के लिए प्रशासन के स्तर से हर तरह का सहयोग दिलाया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर सरकार की मंशा को पूरा कराना है। जिन निवेशकों ने जमीन की डिमांड की है। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कराकर जल्द ही जमीन मुहैया कराई जाएगी।
माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी