रायबरेली। विसर्जन जुलूस में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रोक लगने से लोगों को फिर बैलगाड़ियों की याद आई। ग्रामीण अंचलों में भक्तों ने बैलगाड़ी पर दुर्गा प्रतिमाओं को ले जाकर उनका भू-विसर्जन किया। बारिश के बीच अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भक्तों की टोलियां देवी प्रतिमाओं के साथ गंगा और सई नदी के किनारे बने विसर्जन कुंड तक पहुंचीं। यात्रा में शामिल भक्त डीजे की धुन पर डांस करते हुए मां के जयकारे लगाते चल रहे थे। हालांकि शहर क्षेत्र में भक्तों ने दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन में डीसीएम व लोडर का भी प्रयोग किया। कुछ जगहों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भी प्रतिमाओं को ले जाकर उनका विसर्जन किया गया।
शहर क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रतिमाओं का भू-विसर्जन राजघाट के पास हुआ। यहां पर सुबह से भू-विसर्जन का शुरू हुआ सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस दौरान कोई अबीर-गुलाल उड़ा रहा था तो कोई डीजे और बैंडबाजे की धुन पर थिरक रहा था। एक-एक कर प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया। पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव, उनके प्रतिनिधि मुकेश श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव पाल ने राजघाट पहुंचकर भक्तों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ सदर वंदना सिंह, सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ सुरक्षा में मुस्तैद रहे।
डीह प्रतिनिधि के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रोक लगने से कंचनावा गांव में बने दुर्गा पूजा पंडाल में स्थापित प्रतिमा को बैलगाड़ी पर रखकर सई नदी के किनारे ले जाकर भूृ-विसर्जन किया गया। रोखा गांव के दुर्गा पूजा पंडाल में सजी दुर्गा प्रतिमा को रथ पर लादकर हाथी और घोड़े के साथ विसर्जन किया। सरेनी प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के रालपुर व गेंगासो गंगाघाट पर कड़ी सुरक्षा के बीच प्रतिमाओं का भू-विसर्जन हुआ।
परशदेपुर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में धूूमधाम से प्रतिमाओं का भू-विसर्जन हुुआ। परशदेपुर कस्बे के मुख्य चौराहे पर सजी दुर्गा प्रतिमा को डीसीएम पर लादकर यात्रा निकाली गई। बारिश में भीगते हुए भक्त मइया के जयकारे लगाते हुए खूब थिरके। जिल्ला बाजार, कटरा बाजार, महावीरन, साकेत नगर चौराहा, मटियारा चौराहे होते हुए यात्रा घाट पुल पहुंची। यहां प्रतिमा का भू-विसर्जन किया गया। नव दुर्गा पूजा समिति साकेत नगर चौराहा, संतोषी मां तिराहा गोपालपुर, मधुकरपुर, बारा, महेशपुर, हाजीपुर, महानंदपुर समेत अन्य स्थानों पर सजी प्रतिमाओं का भी धूमधाम से विसर्जन किया गया।
डलमऊ प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र में भी गाजे-बाजे के साथ भक्तों ने छोटे मठ व बड़े मठ घाट के मध्य स्थित गंगातट पर देवी की प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया। बारिश के चलते कीचड़ होने से भक्तों को परेशानी भी झेलनी पड़ी।