रायबरेली। बछरावां थाना क्षेत्र में करीब नौ साल पहले हुई हत्या के एक मामले में कोर्ट ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित कोर्ट संख्या दो के अपर सत्र न्यायाधीश त्रिपुरारी मिश्रा ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट बछरावां थाना क्षेत्र के सब्जी मंडी निवासी गुलाम हुसैन ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 15 मई 2013 को वादी को फोन पर बेटे ताहिर हुसैन को लोगों ने मारने की सूचना मिली।
इस पर वादी दूसरे बेटे जाकिर व भतीजे मुनव्वर के साथ बाइक से लखनऊ रोड स्थित हसनगंज पहुंचा तो देखा कि तीन लोगों ने बेटे ताहिर को जान से मार डाला था। लोगों की मदद से नीमटीकर निवासी राजू चौधरी व पंकज चौधरी को पकड़ लिया था। वहीं तीसरा आलोक मौके से भाग गया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद राजू उर्फ राजकुमार, पंकज चौधरी व आलोक कुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर तीनों को हत्या के आरोप में दोषसिद्ध होने पर उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर 50 हजार रुपये मृतक के पिता मुकदमा वादी को देने का भी आदेश दिया है।