रायबरेली। सेशन कोर्ट ने डीह थाना क्षेत्र में करीब सात साल पहले हुई हत्या के एक मामले में दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल शाहिद ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले प्रभारी डीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्य के मुताबिक मामले की रिपोर्ट डीह थाना क्षेत्र के वीरे मजरे आशारसीदपुर निवासी कैलाश पासी ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 10 मई 2015 की रात वादी का पिता द्वारिका खेत में बने स्थान पर सोने गया था।
सुबह सात बजे वादी की मां देवकली जब खेत पहुंची, तब देखा कि धारदार हथियार से सिर पर चोट पहुंचाकर पिता की हत्या कर दी गई थी। जमीनी विवाद को लेकर कुछ महीने पहले पट्टीदार रामलाल व उसके लड़के अर्जुन से विवाद हुआ था। घटना के करीब 15 दिन पहले उनके रिश्तेदार परमेश ने भी धमकी दी थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद डीह थाना क्षेत्र के वीरे मजरे आशारसीदपुर निवासी रामलाल पासी, अर्जुन पासी व लोधन का पुरवा निवासी परमेश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। दौरान विचारण रामलाल पासी की मृत्यु हो गई।
कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अर्जुन पासी व परमेश को हत्या के आरोप में दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि मुकदमा वादी को देने का भी आदेश दिया है।