भजन सम्राट अनूप जलोटा ने सोमवार को ऐसा समा बांधा कि लोग तीन घंटे तक भक्ति संगीत में डूबे रहे। ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन, वह तो गली-गली श्याम गुन गाने लगी और कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े, जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े भजन पर लोग न सिर्फ झूमने को मजबूर हो गए, बल्कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
भजन सम्राट ने अच्युतम् केशवं राम नारायणं जानकी बल्लभम् भजन प्रस्तुत करके खूब वाहवाही लौटी। मौका था रिफॉर्म क्लब में मानस संत सम्मेलन का। भजन सुनने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के लोग पहुंचे।
जलोटा ने तुलसीदास के बारे में बताते हुए उन्होंने सुनाया तुलसी-तुलसी सब कहे, तुलसी बन की घास, हो गई कृपा राम की तो बन गए तुलसीदास सुनाया तो लोग भावविभोर हो गए। तेरे मन में राम, तन में राम, रोम-रोम में राम, राम सुमिर ले, ध्यान धर ले, छोड़ जगत के काम, बोलो राम-राम सुनाया तो पूरा पंडाल राम की महिमा के गुणगान में डूब गया।
भजन सम्राट ने बचपन बीता खेल-खेल में भरी जवानी सोया, देख बुढ़ापा अब क्यों सोचे क्या खोया क्या पाया। इससे पहले मानस सम्मेलन में हवन-पूजन हुआ। गणेश प्रसाद गुप्ता और सुक्खूलाल चांदवानी मुख्य यजमान रहे।
गायक मनोज कुमार मिश्र की मौजूदगी में सुंदरकांड का पाठ हुआ। रामेंद्र मिश्रा ने संतों का स्वागत किया। राजेश मिश्र रामायणी, नीलम गायत्री, राजर्षि गंगेयजी हंस व सुधाकर वास ने प्रवचन किया। कामदगिरि पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपाचार्य ने अपनी बात कही। इस मौके पर गणेश गुप्ता, स्वामी ज्योर्तियानंद, विनय सुरेंद्र कुमार शुक्ला, उमेश सिकरिया, विनय द्विवेदी, अशोक लखोटिया, डॉ. एसएम सिंह आदि मौजूद रहे।