रायबरेली। जिला अस्पताल में 2018 से तैयार पीडियाट्रिक आईसीयू ने आखिरकार काम करना शुरू कर दिया है। यहां तेज बुखार से पीड़ित चार बच्चों को भर्ती किया गया। पिछले साल कोरोना का कहर बढ़ने पर आईसीयू को संचालित कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन वेंटीलेटर के काम न करने के कारण मंशा पूरी नहीं हो सकी थी। 10 बेड के आईसीयू की सुविधा शुरू होने के बाद बच्चों को जिले स्तर पर अच्छे इलाज की सुविधा मिल गई है।
जिला अस्पताल में 10 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू के लिए जुलाई 2018 से प्रयास चल रहा था। विभागीय अधिकारियों की सुस्ती के कारण काम पूरा नहीं हो सका। पिछले साल अप्रैल माह में कोरोना का कहर बढ़ने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और आईसीयू तैयार करने का काम शुरू किया गया था, लेकिन वेंटीलेटर के काम न करने के कारण आईसीयू में बच्चों को भर्ती कराने का काम शुरू नहीं हो पाया था।
पिछले पहले निरीक्षण पर आए अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेयी ने तत्काल पीडियाट्रिक आईसीयू को शुरू कराने के आदेश दिए थे। जिले में डेंगू, एईएस और जेई का संक्रमण बढ़ने के बाद आखिरकार जिला अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू को शुरू कराकर बच्चों का इलाज शुरू करा दिया है। एपिडियोलॉजिस्ट डॉ. ऋषी बागची, मो. नकवी आदि की टीम ने आईसीयू का निरीक्षण करके व्यवस्था को देखा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत तिवारी ने बताया कि आईसीयू में तेज बुखार पीड़ित पांच बच्चों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है।
10 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू को शुरू करा दिया गया है। चिकित्सक व अन्य नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। तेज बुखार से ग्रसित पांच बच्चों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। बच्चों को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल