बछरावां क्षेत्र में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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रायबरेली जिले में सात साल की एक बच्ची में स्क्रब टाइफस के लक्षण मिले हैं। इसके अलावा एक साल के दुधमुंहे समेत पांच बच्चे एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से ग्रसित मिले हैं। इनमें से चार मरीज बछरावां क्षेत्र के ही हैं। जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में पहुंचकर परिवार के अन्य लोगों की जांच की। साथ ही क्षेत्र में दवा का छिड़काव कराया। इससे पहले 2019 में भी जिले में स्क्रब टाइफस के 9 मरीज मिल चुके हैं। इसमें से एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
सतांव क्षेत्र के एक गांव की सात साल की बच्ची को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। आसपास दिखाने के बाद भी फायदा नहीं हुआ। तेज बुखार होने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां जांच रिपोर्ट आने पर बच्ची एईएस के साथ ही स्क्रब टाइफस से ग्रसित मिली। इससे हड़कंप मच गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि आननफानन बच्ची को लखनऊ रेफर कर दिया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि कीड़े के काटने से स्क्रब टाइफस के बैक्टीरिया शरीर में पनपने लगते हैं। इसके लक्षण डेंगू से मिलते-जुलते हैं। इसके अलावा बछरावां के कामिनी तालाब निवासी आकाश (17), राजामऊ निवासी राघव (1), कुंडौली निवासी नव्या (4), खैरहनी निवासी नीलू (13) व ऊंचाहार के इटौरा बुजुर्ग निवासी गोलू (12) एईएस की चपेट में मिले।
जिला अस्पताल की प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। मरीजों के परिवार के लोगों की सेहत भी जांची गई। जांच में सभी लोग स्वस्थ बताए जा रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि सभी मरीज स्वास्थ्य हैं। जांच में परिवार के लोग भी स्वस्थ मिले हैं। सभी को मच्छरों से बचने की सलाह दी गई है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि मौसम में बदलाव से मच्छर जनित रोग बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट आते ही टीमों को मरीजों के घर भेजकर परिवार के अन्य लोगों का सैंपल लिया। सभी लोग एहतियात बरतें और मच्छरों से बचने का प्रयास करें। सभी अधीक्षकों को भी अलर्ट किया गया है।