रायबरेली। लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के कारण शुक्रवार को करीब चार हजार ट्रकों को लखनऊ जाने से रोका गया। इन वाहनों को अमेठी, बाराबंकी, उन्नाव जिले की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। ऐसे में सड़कों के किनारे ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहीं। इससे अन्य वाहन रेंगते हुए चले और लोगों को जाम से परेशान होना पड़ा। सुबह छह बजे से ही ट्रकों को लखनऊ जाने से रोक दिया गया था।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रयागराज की तरफ से आने वाले ट्रकों को ऊंचाहार कस्बे में सवैया तिराहा से डलमऊ की तरफ मोड़ दिया गया। फतेहपुर से आने वाले ट्रकों को मुराईबाग कस्बे से लालगंज भेजा गया। रायबरेली-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालगंज की तरफ से बछरावां आने वाले वाहनों को बांदा-बहराइच राजमार्ग पर बाराबंकी जिले की तरफ भेजा गया। रायबरेली-जौनपुर हाईवे पर प्रतापगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को सलोन से नसीराबाद थाने से होते हुए जायस होते हुए अमेठी भेजा गया।
रायबरेली-खीरों मार्ग पर कानपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को उन्नाव की तरफ भेजा गया। करीब चार हजार वाहनों को दूसरे मार्गाें से गंतव्य की तरफ भेजा गया, लेकिन चालकों ने जिले के विभिन्न हार्ईवे के किनारे ही ट्रकों को खड़ा कर दिया। इससे लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। शिवगढ़ कस्बे में 10 किमी. दूर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। इसमें एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। सीओ ट्रैफिक इंद्रपाल सिंह ने बताया कि समिट के चलते ट्रकों को लखनऊ जाने से रोका गया। करीब चार हजार वाहनों का रूट डायवर्जन कराया गया। रात नौ बजे तक रूट डायवर्जन होगा।
ऊंचाहार प्रतिनिधि के मुताबिक लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट की वजह से शुक्रवार को लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों को रोक दिया गया। पुलिस ने सवैया तिराहे पर वाहनों को ऊंचाहार-उन्नाव राजमार्ग से निकाला। जमुनापुर चौराहे पर भी पुलिस मुस्तैद रही। कुछ वाहन तिराहे पर ही खड़े रहे। कोतवाल बालेंदु गौतम बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक, डंपर, ट्रेलर जैसे बड़े वाहनों को सुबह चार बजे से रोका गया था। अन्य वाहनों का संचालन कराया गया।
पीआरवी हुई खराब, लगा रहा जाम
बछरावां। लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के चलते बेहतर ट्रैफिक संचालन के लिए यूूपी-112 की पीआरवी बछरावां कस्बे में लगाई थी। इस दौरान पीआरवी खराब हो गई। इससे जाम लग गया। पीआरवी के खराब हो जाने के कारण कुछ ट्रक बछरावां कस्बे से लखनऊ की ओर निकल गए। हालांकि बाद में चुरुवा मंदिर के पास वाहनों को किसी तरह रोक दिया गया। कोतवाल नारायण कुशवाहा ने कहा कि पीआरवी का टायर पंक्चर हो गया था। इस वजह से दिक्कत आई। बाद में पंचर बनवाया गया।