जिले में रोगियों को रक्त की काफी जरूरत है। लेकिन जिले के इकलौते जिला अस्पताल के ब्लड बैंक को चार साल में भी अपग्रेड नहीं किया जा सका है।
संसाधनों के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय टीमों ने कई बार निरीक्षण भी किया है। तीन महीने भी एक टीम निरीक्षण करने के लिए आई थी।
लेकिन क्षमता को बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं हुआ है। यहां तक कि सीएचसी व पीएचसी में ब्लड की व्यवस्था न होने के कारण रोगियों को परेशान होना पड़ता है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्राइवेट ब्लड बैंक खोलने के लिए प्रयास किया। लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ। यहां तक कि मानक भी पूरे नहीं हो सके।