रायबरेली। हर ब्लॉक में एक-एक गांव को बागवानी के लिए मॉडल गांव बनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी तेज हो गई है। उद्यान विभाग के अधिकारियों की मानें तो मॉडल गांव बनाने के बाद गांवों को अधिकारी गोद लेंगेे, जिससे उनकी देखरेख हो सके। इसमें बागवानी के साथ ही सब्जियों, फूलों, जैविक एवं औषधीय खेती कराई जाएगी।
जिले के 18 ब्लॉकों के 18 गांवों को बागवानी मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा। इन गांवों में न सिर्फ बागवानी, बल्कि फूल, सब्जियों, औषधीय एवं जैविक खेती आदि को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
उद्यान विभाग की ओर से संचालित सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर इन मॉडल गांवों में लागू किया जाएगा। बागवानी में आम, अमरूद, लीची आदि को बढ़ावा दिया जाएगा। मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन आदि को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
जनपद के अन्य गांवों के किसानों को मॉडल के तौर पर विकसित गांवों का भ्रमण कराया जाएगा, जिससे उन्हें भी उत्तम बागवानी के लिए प्रेरित किया जा सके। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार भी आएगा।
दिए जाएंगे तकनीकी व विपणन के गुर
बागवानी के लिए चयनित गांवों के किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से न सिर्फ नवीनतम जानकारी दिलाई जाएगी, बल्कि उन्हें विपणन के टिप्स भी दिलाए जाएंगे, जिससे वे उच्च गुणवत्तायुक्त फल, सब्जियों एवं जैविक उत्पादों का उत्पादन कर उन्हें बाजार में लाभकारी मूल्य पर बेच सके। इसके लिए किसानों की ग्राहकों से बैठक भी कराई जाएगी।
ये बनेंगे मॉडल गांव
ब्लॉक गांव का नाम
सतांव कोरिहर
लालगंज जोगापुर बारीगांव
खीरों पाहो
सरेनी हैबतपुर
राही रतंसीपुर
जगतपुर सिद्धौर
अमावां बावन बुजुर्ग बल्ला
डलमऊ कुंडवल
बछरावां टोडरपुर
ऊंचाहार कंदरावां
रोहनियां रायपुर
दीनशाहगौरा चरुहार जियायक
महराजगंज हलोर
शिवगढ़ सरायं क्षत्रधारी
हरचंदपुर रहवां
सलोन रेवहारा
डीह टेकारी सहन
छतोह महानंदपुर
जिले के प्रत्येेेक विकासखंड में एक गांव को बागवानी का मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए 18 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में उद्यान विभाग की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा, जिससे बागवानी केे लिहाज से गांव को मॉडल के तौर पर विकसित किया जा सके। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी