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डायलिसिस के गंदे केमिकल से निकली थी जहरीली गैस, प्रबंधक को नोटिस

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रायबरेली में शनिवार को जिला अस्पताल में पसरा सन्नाटा। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिला अस्पताल में जहरीली गैस के रिसाव के मामले की जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही उजागर हुई है। रिसाव की वजह अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थापित डायलिसिस यूनिट से निकला गंदा केमिकल मिला है।
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डायलाइजर को सैनिटाइज करने के बाद केमिकल को सिंक के माध्यम से सीवर में डाला गया। अस्पताल का सीवर चोक होने से नर्सेस ड्यूटी कक्ष (वर्तमान में गोदाम) के टायलेट से वार्डों में जहरीली गैस फैली। सीएमएस ने डायलिसिस यूनिट की प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड के बगल के गोदाम से जहरीली गैस का रिसाव हो गया था, जिससे मरीजों व तीमारदारों में भगदड़ मच गई थी। एक-एक करके करीब 10 वार्ड खाली करवाएं गए।
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डीएम माला श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने देर शाम तक मौके पर रहकर वजह की तलाश की। डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह को जांच करके रिपोर्ट देने को कहा। रात करीब 12 बजे तक अस्पताल के अधिकारियों, चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की मौजूदगी में जांच हुई।
जांच में प्रथम दृष्टया डायलिसिस यूनिट के गंदे केमिकल की वजह से गैस रिसाव का मामला सामने आया। सूत्रों के अनुसार डायलिसिस के दौरान इस्तेमाल होने वाले डायलाइजर के बैक्टीरिया को खत्म करने व सफाई में परसिटिक एसिड नामक केमिकल का इस्तेमाल होता है।
सफाई के बाद सिंक के माध्यम से केमिकल को सीवर में डाला गया। काफी मात्रा में केमिकल के सीवर में एकत्र होने के बाद दबाव बढ़ने पर टायलेट के माध्यम से जहरीली गैस वार्डों तक पहुंच गई। केमिकल के सीवर लाइन में डंप होने और सीवर के चोक होने के कारण यह समस्या हुई। प्रथम दृष्टया जांच में मामला सामने आने पर सीएमएस ने डायलिसिस यूनिट की प्रबंधक प्रिया को नोटिस देकर जवाब मांगा है। यूनिट हेड को भी तलब किया गया है।
सैनिटाइज कराए 10 वार्ड, मरीज भर्ती नहीं, मरीजों में दहशत
जिला अस्पताल में गैस रिसाव के बाद भागे मरीजों और तीमारदारों के चेहरे पर शनिवार को दूसरे दिन भी दहशत दिखी। कोई भी मरीज संबंधित वार्डों में भर्ती होने को राजी नहीं हुआ। तीमारदार राम कुमार, सावित्री व दिनेश कुमार आदि का कहना है कि मरीज को अब वहां लेकर नहीं जाएंगे। राहत की बात यह कि जहरीली गैस की वजह से किसी मरीज को समस्या नहीं हुई है। संबंधित गोदाम में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। वार्डों को सैनिटाइज कराया गया है। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल के अन्य वार्डों में बेड बढ़ाए गए हैं।
इनसेट
प्रथम दृष्टया जांच में डायलिसिस यूनिट की लापरवाही सामने आने पर यूनिट प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यूनिट हेड को भी तलब किया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। गैस से किसी मरीज को दिक्कत नहीं है। शनिवार को सभी मरीजों का हाल स्वयं जाकर लिया है।
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- डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
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