रायबरेली। जिला डेंगू के कहर से कराह रहा है। हर दिन कोई न कोई मरीज डेंगू का शिकार होकर जिला अस्पताल पहुंच रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की डेंगू से निपटने की तैयारियां आधी अधूरी हैं।
यही वजह है कि डेंगू की जांच के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में किट उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। लखनऊ से रविवार को जिला अस्पताल को चार किट उपलब्ध कराई गई, जबकि डिमांड 50 किट की हुई थी। यह संकट बरकरार रहेगा तो डेंगू का खात्मा कैसे होगा।
स्वास्थ्य विभाग बिना एलाइजा जांच के डेंगू की पुष्टि नहीं कर रहा है। इस जांच के लिए जिले के अलावा सुल्तानपुर और अमेठी जिले के सैंपल भी जिला अस्पताल आ रहे हैं। जिला अस्पताल में डेंगू की पुष्टि के लिए एक ही एलाइजा जांच मशीन है। इसके बाद भी जांच के लिए पर्याप्त किटों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। शनिवार को किट के अभाव में जांच प्रभावित रही। तीनों जिलों के ढाई सौ से अधिक सैंपलों की जांच नहीं हो सकी।
रविवार को छुट्टी होने के कारण जांच नहीं हो सकी और न ही कोई रिपोर्ट आई। स्वास्थ्य विभाग अधिक से अधिक किट की उपलब्धता कराने की मांग करा रहा है, लेकिन किट उपलब्ध कराने में कंजूसी बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने 50 किट मांगी थी, ताकि अधिक से अधिक रोगियों की डेंगू की जांच हो सके। इसके बावजूद चार किट उपलब्ध कराई गई हैं। जाहिर है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिले को डेंगू से बचाने को लेकर कितना गंभीर हैं।
सतर्कता बरतने की जरूरत
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि डेंगू की जांच के लिए चार किट उपलब्ध कराई गई हैं। एक किट में 96 सैंपल लिए जा सकते हैं। रविवार की छुट्टी के कारण सोमवार से फिर डेंगू की जांच नियमित तरीकेे से हो सकेगी। डेंगू के खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में खतरा ज्यादा
जिले में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर जलभराव की समस्या रहती है। ऐेसे में वहां पर मच्छरों की तादाद अधिक रहने से डेंगूू फैलनेे का खतरा ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग ने उन क्षेत्रों के प्रधानों से ज्यादा सक्रिय रहने को कहा है। बछरावां, महराजगंज, हरचंदपुर, जगतपुर, ऊंचाहार से होकर शारदा सहायक नहर निकली है। सीपेज की वजह से पानी भरा रहता है। इससे मच्छरों की तादाद अधिक रहती है। इन क्षेत्रों के लोगों को अलर्ट करते हुए सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। वैसेे सभी गांवों में प्रधानों के माध्यम से फॉगिंग कराई जा रही है।
जिले में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में सभी इंतजाम हैं। डेंगू की जांच के लिए किट की कमी नहीं है। जिला अस्पताल को किट उपलब्ध करा दी गई है। प्रधानों के माध्यम से गांवों में फॉगिंग कराई जा रही है। लोग स्वयं भी डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतें। बुखार आने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच जरूर कराएं।
-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ