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50 हजार गर्भवतियों को डेंगू का खतरा, बरतें एहतियात

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रायबरेली। डेंगू संक्रमण का बढ़ता प्रकोप जच्चा व बच्चा दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में गर्भवती व प्रसूताओं को इससे बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्भावस्था के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण डेंगू की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू संक्रमित होने पर समय पूर्व प्रसव की आशंका भी बनी रहती है। जो जच्चा-बच्चा दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
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जिला महिला अस्पताल की वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता प्रसाद ने बताया कि गर्भवती के शरीर में प्लेट्लेट की संख्या कम होने के कारण रक्तस्राव होने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। साथ ही तेज बुखार से शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है। ऐसे में डेंगू का लक्षण प्रतीत होते ही गर्भवती का इलाज तत्काल चिकित्सीय सलाह के साथ शुरू करना बेहतर होता है। इसी से जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि गर्भवती बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करने के साथ ही दिन में पूरी बांह के कपड़े भी पहने। डेंगू होने पर अधिक से अधिक पानी के साथ तरल आहार मसलन नारियल पानी, सूप, फलों के रस का भी सेवन करें।
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