रायबरेली। डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट में चार मरीज डेंगू से पीड़ित मिले। इन मरीजों को जिला अस्पताल में बने डेंगू वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। 16 बेड का डेंगू वार्ड फुल हो गया है।
इसके अलावा बुखार की चपेट में आए 18 अन्य मरीजों को भी जिला अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में भर्ती कराया गया है। वहीं बुखार के हल्के लक्षण वाले मरीजों को इमरजेंसी में दवा देकर घर भेज दिया गया।
जिले में डेंगू और बुखार का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को डेंगू की चपेट में आने के बाद ऊंचाहार के अदलाबाद निवासी आशू (13), जायस निवासी संपती (37), शिवरतनगंज निवासी सचिन (20), वार्ड तीन निवासी आरपी यादव (19) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके अलावा इमरजेंसी में इलाज के लिए आए बुखार के सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया गया। वहीं बुखार की चपेट में आने वाले 18 मरीजों को भी विभिन्न वार्डों में भर्ती कराया गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने से वार्डों में बेड कम पड़ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही है। कई वार्डों में बेड भी बढ़ा दिए गए हैं।
सुल्तानपुर से आए 45 सैंपलों की हुई जांच, 10 मिले डेंगू पॉजिटिव
रायबरेली जिला अस्पताल में सुल्तानपुर जिले के संदिग्ध डेंगू मरीजों के सैंपलों की जांच की जा रही है। 45 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 10 लोग डेंगू संक्रमित मिले। अमेठी जिले से आए 18 सैंपलों की जांच की जा रही है। रायबरेली की तुलना में सुल्तानपुर और अमेठी में ज्यादा डेंगू संक्रमित मरीज मिल रहे हैं।
बीमारी के कारण, लक्षण व उपचार
पहले से संक्रमित व्यक्ति को जब कोई सामान्य मच्छर काटता है तो डेंगू वायरस उस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। अब यदि सामान्य मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट ले तो उसे डेंगू हो सकता है। सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। घर के आसपास पानी एकत्र न होने दे, क्योंकि ठहरे पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। किसी को भी लक्षण प्रतीत हों तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें।
जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे मरीजों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है। डेंगू वार्ड में छह बेड बढ़ाए गए हैं। जो भी डेंगू मरीज आ रहा है, उसे भर्ती कराया जा रहा है। दवाओं की भी कमी नहीं है। लोग मच्छरों से बचें और एहतियात बरतें।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल