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डेंगू के सात व एईएस के सात नए मरीज मिले, मची दहशत

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रायबरेली। जिले में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और डेंगू का संक्रमण थम नहीं रहा है। डेंगू और एईएस के सात और मरीज मिले हैं। इसी के साथ जिले में पिछले तीन माह में डेंगू के 45 और एईएस के 26 रोगी मिल चुके हैं।
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प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों के घर पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। मरीज के घर के लोगों के साथ ही आसपास के लोगों की जांच की। दवाओं के वितरण के साथ ही मच्छरों से बचने के टिप्स दिए। बुखार से पीड़ित मिले मरीजों की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई।
जिले के दुसौती अमावां निवासी आरपी सिंह (20), निराला नगर निवासी रोहित (13), देदौर निवासी श्रद्धा (22), पीएसी निवासी विजय कुमार (26), दरीबा निवासी राहुल (18), भैरोमिश्र निवासी अमर प्रकाश (24), भदोखर निवासी सुंदरम (21) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। जांच में इन सभी में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके अलावा सुरेखा लालगंज निवासी रमन (10), महराजगंज निवासी वंश (9), बघौला सलोन निवासी माधुरी (40), बछरावां निवासी आकाश (19), राजामऊ निवासी राघव (1), कुंडौली निवासी नव्या (4) और खैरहनी बछरावां निवासी नीलू (13) एईएस की चपेट में आ गए हैं।
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केजीएमयू लखनऊ और जिला अस्पताल की प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें मंगलवार दोपहर पीड़ित मरीजों के घर पहुंचीं। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। मरीजों के परिवार के लोगों की सेहत भी जांची गई।
जांच में सभी लोग स्वस्थ बताए जा रहे हैं। टीमों ने गांव के लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचने की सलाह दी। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि डेंगू व एईएस के सभी मरीज स्वस्थ हैं। मरीजों के घर के लोग भी स्वस्थ हैं। लोगों ने दवाओं का वितरण कराया गया है।
बारिश और मौसम में बदलाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू व एईएस पीड़ित मरीज मिलने की सूचना पर गांवों में टीम भेजी गई हैं। सभी मरीजों के साथ ही उनके परिवार के लोग स्वस्थ हैं। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने के बाद लोग एहतियात बरतें और मच्छरों से बचने का प्रयास करें।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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