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डेंगू के चपेट में आठ और मरीज, संक्रमण में अपना शहर सबसे आगे

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रायबरेली। जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आठ नए मरीज मिलने के बाद जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। शहर के अलावा जगतपुर, सलोन और डीह क्षेत्र में नए केस मिले हैं।
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शहरी क्षेत्र में अब तक सबसे अधिक नौ मरीज और हरचंदपुर में सात मरीज मिल चुके हैं। सरेनी जगतपुर में तीन-तीन और शिवगढ़, ऊंचाहार व डलमऊ में डेंगू के दो-दो मरीज मिले हैं। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित गांवों में पहुंचकर एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। दवाओं के वितरण के साथ ही मच्छरों से बचने के टिप्स दिए गए।
जिला अस्पताल से आई जांच रिपोर्ट में शहर के रफी नगर निवासी तेज कुमार सिंह (43), सोनिया नगर निवासी तरुण गुप्ता (23), जगतपुर के केवलपुर बरेथा निवासी विवेक सिंह (19), जोगपट्टी चांदमऊ निवासी अमरेंद्र (21), सलोन के बड़ी परहरी निवासी सोनी श्रीवास्तव (28), सूरज (22), डीह के पूरे झाऊ टेकारी हसन निवासी सौरभ (22) और लालगंज क्षेत्र के पूरे नोखेराय निवासी शिवानी (23) डेंगू संक्रमित मिले। जांच रिपोर्ट आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
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सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। मरीजों के परिवार के लोगों की सेहत भी जांची गई। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि डेंगू के सभी मरीज स्वास्थ्य हैं। परिवार के लोग भी स्वस्थ हैं। टीमों ने गांव के लोगों को मच्छरों के प्रकोप से बचने की सलाह दी है।
डेंगू के कारण
पहले से संक्रमित व्यक्ति को जब कोई साधारण मच्छर काटता है तो डेंगू का वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। जब वही मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है और तो वायरस व्यक्ति के रक्त में चला जाता है। इसलिए डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचना जरूरी है।
डेंगू के लक्षण
सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। लक्षणों में एक साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। तेज बुखार भी आता है।
मच्छरों की करें रोकथाम
डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से बचना चाहिए। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए घर के आसपास पानी एकत्र न होने दे। ठहरे व साफ पानी में मच्छरों के लार्वा बढ़ते हैं। कूलर, नारियल के खोखे, खाली बोतल, गमले में पानी न जमा होने दें। इसमें मच्छर पनप सकते हैं। डेंगू के लक्षण प्रतीत हों तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें। समय से इलाज शुरू होने से मरीज आसानी से स्वस्थ हो जाता है।
बारिश और मौसम में बदलाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू के नए मरीज मिले हैं। सूचना पर गांवों में टीम भेजी गई। सभी मरीजों के साथ ही उनके परिवार के लोग स्वस्थ हैं। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने के बाद लोग एहतियात बरतें और मच्छरों से बचने का प्रयास करें।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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