आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर व्यापारियों ने काफी देर तक हंगामा और नारेबाजी की। इससे घंटे भर तक बस स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल रहा। मौके पर पहुंचे सदर कोतवाल ने किसी तरह मामला शांत कराया।
शहर में रानानगर निवासी कमल गुप्ता की बस स्टेशन चौराहा पर मिठाई की दुकान है। सदर कोतवाली का एक दरोगा रविवार दोपहर दुकान पर पहुंचा और बाहर रखे सामान को उठाने की हिदायत दी।
दुकानदार सामान उठाने ही जा रहा था कि दरोगा ने गाली गलौज शुरू कर दी। दुकानदार के विरोध करने पर दरोगा ने उसकी पिटाई कर दी। यह देख कमल का बेटा सुशांत गुप्ता बीच बचाव करने दौड़ा तो दरोगा ने उसे भी नहीं छोड़ा।
सुशांत की भी पिटाई कर दी। दरोगा की इस हरकत को देख रहे आसपास के दुकानदार एकत्र हो गए। कुछ ही देर में व्यापारियों की भीड़ जमा हो गई। दरोगा की हरकत पर नाराज व्यापारी बस स्टाप व्यापार मंडल अध्यक्ष रिजवान व संरक्षक रवि तिवारी के साथ सड़क पर उतर गए।
पुलिस के तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ व्यापारियों ने प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना है कि दरोगा ने सामान उठाने के लिए समय दिए बिना ही दुकानदार व उसके पुत्र की पिटाई कर दी।
व्यापारी आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के चलते करीब एक घंटे तक शहर के प्रमुख चौराहे पर अफरातफरी का माहौल रहा।
मौके पर पहुंचे सदर कोतवाल शैलेंद्र त्रिपाठी ने समझाने का प्रयास किया लेकिन आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई से कम पर व्यापारी मानने को तैयार नहीं हुए।
कोतवाल ने व्यापारी नेताओं से बात कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब हंगामा शांत हुआ। कोतवाल का कहना है कि सड़क से अतिक्रमण हटाने की बात को लेकर दुकानदार व उसके बेटे से विवाद हुआ।