अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सोमवार को एक व्यापारी के भाई व बेटे की पिटाई से विवाद हो गया। गुस्साए व्यापारियों ने न सिर्फ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, बल्कि बाजार बंद करा दिए।
व्यापारियों ने पुलिस के खिलाफ भड़ास निकाली। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारियों को समझाकर मामला शांत कराया।
एक घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। विवाद के कारण सुपर मार्केट से घंटाघर जाने वाले रास्ते का आवागमन एक घंटे के लिए बंद कर दिया गया था।
अतिक्रमण अभियान घंटाघर से शुरू हुआ। एक के बाद एक जेसीबी से अतिक्रमण हटवाया गया। कैपरगंज स्थित बर्तन दुकानदार राकेश गुप्ता के भाई जमुना प्रसाद, बेटे पीयूष गुप्ता ने अवैध कब्जा हटाने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी।
इसको लेकर पुलिस के साथ कहासुनी होने लगी। इसी बीच कुछ पुलिस कर्मियों ने जमुना और पीयूष की पिटाई कर दी। इससे व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
सभी ने दुकानों के शटर गिरा दिए और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने शांत कराने का प्रयास किया तो व्यापारी और उग्र हो गए। सदर कोतवाल शैलेंद्र त्रिपाठी से व्यापारियों की कहासुनी हुई।
सिटी मजिस्ट्रेट संतोष कुमार वैश्य के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मनोज पांडेय के भाई अमिताभ पांडेय भी पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारियों को यह कहते हुए शांत कराया कि किसी भी व्यापारी को परेशान नहीं किया जाएगा।
इसके बाद व्यापारियों का गुस्सा शांत पड़ा। व्यापारी अतुल गुप्ता ने बताया कि व्यापारी के भाई और बेटे की पिटाई के चलते विवाद हुआ। बाजार पूरी तरह से बंद रहा।
व्यापारी कृष्ण गोपाल कंसौधन ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाजार बंद होने से खरीदारी के लिए निकले लोगों को वापस लौटना पड़ा।