गंगा गोमती एक्सप्रेस में महिला को तेजाब पिलाने की घटना की जांच के लिए रविवार को यहां लखनऊ से पुलिस टीम पहुंची। सीओ बक्शी तालाब की अगुवाई में टीम ने पीड़िता के परिवारीजनों, आरोपी पक्ष के घर वालों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
टीम ने थाने पहुंचकर घटना से संबंधित दस्तावेज एकत्र किए और उन्हें लेकर वापस लखनऊ लौट गई। लखनऊ के बख्शी तालाब की सीओ ममता कुरील की अगुवाई में पुलिस टीम ऊंचाहार पहुंची। यहां से टीम पीड़ित महिला के गांव गई, जहां उसके परिवार वालों से पूछताछ की। सीओ ने गांव के कई लोगों के बयान दर्ज किए।
सीओ की टीम ने ग्रामीणों से सवाल किए कि महिला गांव में कब से रह रही है। अब रहती है या नहीं। कभी गांव आती है या नहीं। दोनों परिवारों में रंजिश की वजह आदि। गांव के राजेश मौर्य ने सीओ को बताया कि पीड़िता कई वर्षों से गांव में नहीं रहती है। वह पति के साथ रायबरेली में रहती है। नाली को लेकर लगभग आठ वर्ष पूर्व विवाद हुआ था। इसके बाद से विवाद चल रहा है।
गांव में बयान दर्ज करने के बाद टीम थाने पहुंची। वहां पर ट्रेनी सीओ विनीत सिंह व थानेदार परशुराम त्रिपाठी से मामले से जुड़ी अन्य जानकारी ली। थानेदार परशुराम ने बताया कि लखनऊ से टीम आई थी। गांव में लोगों के बयान वह मौका मुआयना के बाद लखनऊ लौट गई।
इस मामले में मिल एरिया पुलिस जांच के दायरे में आ गई है। महिला के परिवार को सुरक्षा क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई थी, इसकी जांच शुरू हो गई है। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ डलमऊ को सौंपी है। ऐसे में मिल एरिया थानेदार पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान महिला की सुरक्षा हटा ली गई थी। महिला ने न सुरक्षा मांगी और न ही पुलिस ने उसे सुरक्षा दी। पुलिस ने उसे सुरक्षा क्यों नहीं दी, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई होगी। उधर, सीओ डलमऊ का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।