रायबरेली शहर क्षेत्र में शनिवार को पीडब्ल्यूडी कार्यालय से एक ठेकेदार के अपहरण का प्रयास किया गया। हमलावर रायबरेली में काम कराए जाने के बदले ठेकेदार से रंगदारी की मांग कर रहे थे।
दिनदहाड़े हुई इस वारदात से हड़कंप मच गया। सूचना पर सीओ, कोतवाल फोर्स बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को दबोच लिया, जबकि अन्य हमलावर भाग गए।
पीड़ित ठेकेदार की तहरीर पर पुलिस ने 10 हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने हमलावरों की कार भी जब्त कर ली है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
प्रतापगढ़ जिले के संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुवापुर निवासी अशोक कुमार परिहार यहां पर लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी करता है। मौजूदा समय में वह रायबरेली शहर के बस्तेपुर में रहता है।
दोपहर करीब 12 बजे काम के सिलसिले में अशोक लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचा था। इसी दौरान कार पर सवार कुछ लोग पहुंचे और उसे जबरन गाड़ी में बैठाने लगे। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। इससे ठेकेदार दहशत में आ गया। घटना से वहां पर कार्यरत कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
सूचना पर सीओ सदर गोपीनाथ सोनी, कोतवाल अतुल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एक हमलावर को दबोच लिया, जबकि अन्य हमलावर गाड़ी छोड़कर भाग गए।
कहा जा रहा है कि हमलावर ठेकेदार से रंगदारी की मांग कर रहे थे। रंगदारी न देने पर उसके अपहरण का प्रयास किया गया। कोतवाल का कहना है कि ठेकेदार की तहरीर पर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के डिडौली निवासी अजय सिंह, हनुमंतपुरम निवासी संगम सिंह और आठ अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें आरोपी संगम सिंह को पकड़ लिया गया है। साथ ही कार को भी कब्जे में ले लिया गया है।
एक विधायक का खास है ठेकेदार
जिस ठेकेदार अशोक कुमार परिहार का अपहरण करने का प्रयास किया गया, वह प्रतापगढ़ के एक विधायक एवं पूर्व मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। अरसे से यह ठेकेदार यहीं पर रहकर ठेकेदारी कर रहा था। ठेकेदार पर दबाव बनाकर हमलावर रंगदारी वसूलना चाहते थे। कहा जा रहा है कि घटना होने पर ठेकेदार ने पहले अपने करीबी विधायक और फिर एसपी को फोन पर घटना की सूचना दी।
तो क्या एक पूर्व विधायक ने बुलाया था..
बताया जा रहा है कि एक पूर्व विधायक ने ठेकेदार को मिलने के लिए बुलाया था। बावजूद ठेकेदार ने पूर्व विधायक से मिलने से इनकार कर दिया था। कहा जा रहा है कि इसी के बाद से उस पर हमला कर दिया गया। हालांकि ठेकेदार की तरफ से सदर कोतवाली में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें इसका जिक्र नहीं किया गया है।
रंगदारी के चलते ठेकेदार अशोक कुमार परिहार के अपहरण का प्रयास किया गया था। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी को पकड़ लिया गया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गईं हैं। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। जांच में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतुल सिंह, सदर कोतवाल