डीआईओएस डॉ. गिरधारीलाल कोली की पिटाई के मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने एक कॉलेज के प्रबंधक, उसके बेटे समेत दस हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, फायर करने और सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया गया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस नामजद किए गए प्रबंधक से घटना की बाबत पूछताछ कर रही है।
साथ ही पुलिस ने प्रबंधक की लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली है। पुलिस प्रकरण की जांच के बाद मामले में कार्रवाई करने की बात कह रही है। डीआईओएस डॉ. गिरधारीलाल कोली पर शुक्रवार को उस समय जानलेवा हमला हुआ, जब वह वह अपने कार्यालय में मौजूद थे। हमलावरों ने गालीगलौज करते हुए उनकी पिटाई की थी। डीआईओएस का आरोप लगाया था कि दीनशाहगौरा ब्लॉक क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज के प्रबंधक के बेटे ने साथियों के साथ कार्यालय में घुसकर गालीगलौज और मारपीट की।
मारपीट में उन्हें चोटें आई हैं। कॉलेज में कुछ मनमानी की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही मिली थी, जिस पर कार्रवाई करने की बात कही थी। इसी को लेकर उन पर दबाव बनाने के लिए हमला किया गया है। सदर कोतवाल अशोक त्रिपाठी का कहना है कि डीआईओएस की तहरीर पर कॉलेज के प्रबंधक अशोक वाजपेयी, उनके बेटे अंबुज वाजपेयी समेत सात-आठ अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जान से मारने की नियत से फायर करना, सोने की चेन छीनने और एसीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।