ऊंचाहार थाना पुलिस ने सड़क हादसे के बाद बवाल करने के मामले में शनिवार को 200 ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें से 22 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना से गुस्साए लोगों ने न सिर्फ जाम लगाकर पथराव किया था। बल्कि पुलिस व प्राइवेट गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी।
एएसपी राममूरत यादव ने पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक हरिनारायण सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके जांच कराई जा रही है। सड़क हादसे के बाद जाम लगाना ठीक नहीं था। पुलिस के रोकने पर पथराव किया गया। तोड़फोड़ की गई।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के जीत का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग निवासी अमर बहादुर शुक्रवार रात लोडर लेकर जगतपुर से ऊंचाहार जा रहा था। गांव के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत हो गई। ट्रैक्टर-ट्राली पर बैंडबाजा वाले सवार थे।
हादसे में लोडर चालक अमर बहादुर और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार बैंडबाजा बजाने वाले रामसजीवन (45) निवासी गढ़ी इटौरा, शमशेर (32), देवतादीन (42) पूरे नोहर, संतोष (30) निवासी उधवामऊ ऊंचाहार घायल हो गए थे।
घटना से गुस्साए जीत का पुरवा गांव के ग्रामीणों ने लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर जाम लगाकर पथराव किया था। पुलिस और राहगीरों की गाड़ियों में पथराव किया था। पुलिस ने लाठियां पटककर ग्रामीणों को खदेड़ा था, तब कहीं जाकर हाईवे पर जाम खुला था।
शनिवार को ऊंचाहार थाने में हाईवे पर जाम लगाने, पथराव करने, पुलिस और प्राइवेट गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। थानेदार जीडी शुक्ला ने बताया कि 200 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इसमें 22 लोगों को नामजद किया गया है। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं जीत का पुरवा गांव में सन्नाटा पसर गया है। पुलिस की कार्रवाई के डर से लोग घरों में नहीं रहे हैं। घरों में ताला लटक रहा है।