जानकारी होने पर पास मौजूद कुछ लोगों ने उसे और उसके परिवार के सदस्यों को ऐसा करने से किसी तरह रोका। इस घटना से कचहरी में अफरातफरी मच गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दवा खाने की कोशिश करने वालों को हिरासत में ले लिया। पीड़ित के मुताबिक काफी समय से वह लाइसेंस के लिए भागदौड़ कर रहा है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। सूचना पर एसपी मोहित गुप्ता भी डीएम कार्यालय पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
गुरुबख्शगंज क्षेत्र में सहजौरा गांव निवासी असलम ने करीब छह महीने पहले डीएम कार्यालय में पटाखा बनाने के लिए आवेदन किया था। इस बीच उसने कई बार कार्यालय में संपर्क किया लेकिन उसका लाइसेंस नहीं बन पाया।
इससे वह क्षुब्ध था। गुरुवार सुबह अपनी बेटियों सफीना, अफरीना और बेटे अफरोज के साथ असलम डीएम दफ्तर पहुंचा। वह चूहा मारने की दवा साथ ले गया था।
स्वयं के साथ अपनी बेटियों, बेटे को चूहा मारने की दवा खिलाने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे रोक लिया। घटना की सूचना डीएम कार्यालय के कर्मियों को मिली तो हड़कंप मच गया।
डीएम कार्यालय से मिली सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस पहुंची और असलम को हिरासत में ले लिया। उससे एसपी ने भी पूछताछ की। इस घटना से काफी देर तक डीएम दफ्तर के सामने अफरातफरी रही।