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एनटीपीसी ऊंचाहार में बवाल

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सीआईएसएफ के दरोगा और सिपाहियों ने निशक्त समेत चार श्रमिकों को पीटा, घायल
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ऊंचाहार (रायबरेली)। एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में शुक्रवार को सीआईएसएफ के दरोगा और सिपाहियों ने निशक्त समेत चार श्रमिकों को पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गया।


इससे श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने एनटीपीसी के अंदर जाकर परियोजना के सभी मार्गों को जाम कर दिया और खूब हंगामा किया।


बवाल बढ़ने पर कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी मौके पर बुला ली गई। प्रदर्शनकारी पिटाई करने वाले दरोगा व सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।


बाद में अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह मामला शांत कराया। घटना की तहरीर थाने में दी गई है। पुलिस प्रकरण की जांच कर मामले में कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी संयंत्र क्षेत्र में हजारों की संख्या में दिहाड़ी मजदूर काम करने जाते हैं। एक नवंबर 2017 को एनटीपीसी के यूनिट नंबर छह में हुए हादसे के बाद प्रबंधन ने सभी श्रमिकों के गेट पास निरस्त कर दिए हैं।


अब श्रमिकों को संयंत्र क्षेत्र में प्रवेश सामूहिक तौर पर कार्य करने वाली एजेंसी के लेटरपैड पर होता है, जिसके कारण मुख्य गेट पर रोज सुबह भारी भीड़ जमा हो जाती है।


इस दौरान वहां पर अफरातफरी का माहौल रहता है। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में श्रमिक लाइन में अंदर प्रवेश को इंतजार कर रहे थे।


भीड़ के कारण गेट पर तैनात दरोगा और सिपाहियों ने संयम खो दिया और मजदूरों को पीटने लगे। दरोगा व सिपाहियों ने मोहन का पुरवा निवासी एवं निशक्त देशराज तक की पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गए।


अन्य मजदूरों ने विरोध किया तो दरोगा व सिपाहियों ने बिकई निवासी अभिषेक कुमार, वाजिदपुर निवासी शिवलाल, मनीरामपुर निवासी भानु प्रताप सिंह की भी पिटाई कर दी।


श्रमिकों की पिटाई से साथी मजदूर आक्रोशित हो गए। उसके बाद हजारों की संख्या में जमा हुए मजदूरों ने संयंत्र क्षेत्र में पहुंचकर परियोजना के सभी मार्गों को रोक दिया।


सड़क पर मजदूर लेट गए। मजदूरों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें नियंत्रित करने के लिए सीआईएसएफ के जवान आगे बढ़े तो मजदूरों ने उन्हें दौड़ा लिया।


स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। एसडीएम ऊंचाहार राजेश तिवारी, प्रभारी एसओ मनोज सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन श्रमिक उनकी सुनने तक को तैयार नहीं थे।


उसके बाद आसपास के थानों सलोन, गदागंज, जगतपुर और डलमऊ की फोर्स बुला ली। एनटीपीसी के सभी गेट सील कर दिए गए। जो मजदूर बाहर थे, वह बाहर ही रह गए।


एनटीपीसी कर्मचारियों और अधिकारियों तक को संयंत्र क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। मजदूरों का गुस्सा बढ़ता जा रहा था। स्थिति गंभीर होते देख पीएसी भी बुला ली गई।


काफी जद्दोजहद के बाद एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक मौके पर पहुंचे। कुछ मजदूर संगठनों ने वार्ता की और अंत में श्रमिकों को समझाने-बुझाने में प्रबंधन व जिला प्रशासन सफल रहा।


श्रमिकों को कार्रवाई का आश्वासन मिला। उनकी अन्य सुरक्षा और भुगतान से संबंधित समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया गया, तब कहीं जाकर श्रमिकों का गुस्सा शांत हुआ।
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कार्यवाहक एसओ मनोज सिंह ने बताया कि घायलों की तरफ से सीआईएसएफ के दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ तहरीर मिली है। जांच करके रिपोर्ट लिखी जाएगी। एसडीएम ऊंचाहार राजेश तिवारी का कहना है कि सूचना पर पहुंचकर मामला शांत कराया गया।
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