रोडवेज बस से गिरी स्टेपनी, तीन घायल
रायबरेली। शहर के जेल रोड पर रविवार को अचानक बस की स्टेपनी गिरने से चपेट में आईं दो सगी बहनों समेत तीन लोग घायल हो गए। इस पर बवाल हो गया। गुस्साए नागरिकों ने न सिर्फ रोड जाम कर दिया, बल्कि एक दरोगा का कॉलर तक पकड़ लिया। इस बीच उधर से गुजर रहे एसआई शिवशंकर गुप्ता ने लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। इस दौरान आधा घंटे से ज्यादा समय तक आवागमन ठप होने से लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रायबरेली डिपो की अनुबंधित बस दोपहर बाद इंदिरा नगर चौकी से होकर जेल रोड होते हुए बस स्टेशन की तरफ जा रही थी। इधर, कप्तान का पुरवा की रहने वाली 16 वर्षीय आयुषी, उसकी चाची रामादेवी और एक अन्य बहन दवा लेने जा रही थी। रोडवेज बस की रफ्तार तेज थी। अचानक बस का गेट खुल गया और बस के अंदर रखी स्टेपनी बाहर निकलकर दो सगी बहनों और उसकी चाची को लग गई। इससे तीनों को चोटें आ गई। इससे वहां पर मौजूद नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते गुस्साए लोगों ने जेल रोड पर जाम लगा दिया। यही रास्ता रायबरेली-कानपुर मार्ग भी कहलाता है।
हादसे की सूचना पर यूपी 100 पुलिस के साथ कोतवाली की पुलिस पहुंच गई। पुलिस कर्मियों ने जाम लगाए लोगों को शांत कराना चाहा तो उनका गुस्सा और भड़क गया। इस दौरान नागरिकों और पुलिस कर्मियों के बीच कहासुनी होने लगी। गुस्साए लोगों ने एक दरोगा का कॉलर तक पकड़ लिया। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई। इसी बीच उधर से गुजर रहे एसआई शिवशंकर गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद आवागमन बहाल हो सका। कोतवाल नागेश मिश्रा का कहना है कि हादसे की जांच कराई जा रही है। तहरीर पर कार्रवाई होगी।
जेल रोड रहा जाम, कोतवाल को नहीं जानकारी
गुस्साए लोगों ने जेल रोड जाम कर दिया था। हंगामा कर रहे थे। बावजूद नए कोतवाल नागेश मिश्रा को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। वे मौके पर भी नहीं पहुंचे। इससे नागरिकों में कोतवाल के प्रति भी नाराजगी दिखी। मीडिया की ओर से जब कोतवाल को हादसे की जानकारी दी गई तो उन्होेंने मामला दिखवाने की बात कही।