रायबरेली। शहर के देवानंदपुर में निर्माणाधीन राजीव गांधी आवासों के निर्माण में मनमानी हो रही है। डीएम के आदेश पर डूडा की टीम जांच करने पहुंची तो छत में लीकेज मिला।
सीलन के कारण ब्रिकवर्क में लोना के साथ ही मोरंग के स्थान पर बालू का प्रयोग पाया गया। सीमेंट व अन्य निर्माण सामग्री का एक अनुपात छह के मानक के विपरीत एक अनुपात आठ का मसाला पाया गया। तरी न होने के कारण प्लास्टर की गुणवत्ता भी खराब मिली। इसके अलावा अन्य खामियां भी मिलीं।
शहर के देवानंदपुर में डूडा की ओर से गरीबों के 47 राजीव गांधी आवासों के निर्माण का काम चल रहा है। निर्माण का काम कांस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दिया गया है।
शुरू से ही निर्माण इकाई मानकों को ताक पर रखकर काम कर रही है। पिछले माह निरीक्षण पर आए प्रमुख सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल ने भी इन आवासों की गुणवत्ता का देखा था।
प्रमुख सचिव के निर्देश पर डूडा के इंजीनियर शुभम सिंह की टीम ने देवानंदपुर पहुंचकर आवासों की गुणवत्ता की जांच की। टीम ने 47 आवासों में आठ निर्माणाधीन आवासों की जांच की।
सभी आवासों में काम मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। छत में लीकेज के साथ ही अन्य तमाम खामियां मिली। जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।