रायबरेली। बछरावां पुलिस ने शनिवार देर शाम कस्बे के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्टरी में छापा मारकर ब्रॉडेंड कंपनियों का लोगो लगाकर घटिया टायर ट्यूब बेचने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है।
पुलिस ने मौके से करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा के टायर ट्यूब जब्त किए हैं। मौके से पुलिस ने छह आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस की मानें तो पकड़े गए आरोपी नामी-गिरामी कंपनियों के टायर ट्यूब का लोगो लगाकर बेचते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के मुताबिक एक नामी कंपनी के डायरेक्टर सुरेंद्र कुमार मल्ल ने टीम के साथ थाने पहुंचकर शिकायत की कि बछरावां कस्बे स्थित एक फैक्टरी में उनकी कंपनी के नाम के टायर ट्यूब बनाए जा रहे हैं।
इस सूचना पर एसओ रवेंद्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ छापा मारा तो हड़कंप मच गया। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में टायर ट्यूब बरामद किए। इसके अलावा टायर ट्यूब बनाने की सामग्री भी जब्त कर ली।
साथ ही मौके से छह आरोपियों को दबोच लिया गया, जबकि कई लोग भाग निकले। एसओ का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर छापा मारकर करीब 50 लाख कीमत से ज्यादा के टायर ट्यूब बरामद किए गए हैं।
बरामद टायर ट्यूब को थाने में रखवा दिया गया है। कंपनी के तहरीर के आधार पर मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
कई जिलों में करते थे सप्लाई
बछरावां फैक्टरी में अरसे से टायर ट्यूब बनाने की फैक्टरी अरसे से चल रही थी। बावजूद इसकी भनक किसी को नहीं थी। कहा जा रहा है कि नामी गिरामी कंपनियों के नाम से बनाए जाने वाले इन टायर ट्यूब की सप्लाई रायबरेली के अलावा लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर, सीतापुर समेत अन्य जनपदों में बिक्री के लिए भेजे जाते थे। अचानक टायर ट्यूब बनाने की फैक्टरी का खुलासा होने से हड़कंप मच गया।
मामले में होगी सख्त कार्रवाई : सीओ
सीओ महराजगंज आरपी साही ने बताया कि टायर ट्यूब बनाने का लाइसेंस लिया गया था, लेकिन आरोपी नामी गिरामी कंपनी के नाम के टायर ट्यूब बनाकर बेच रहे थे। कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की है। फैक्टरी को सीज कर दिया गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा।