बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम की चपेट में आकर पिछले 24 घंटे में 35 बच्चों को तेज बुखार होने की शिकायत पर जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती करवाया गया है। कुछ बच्चों को डायरिया की समस्या भी हुई है। बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि अचानक तेज बुखार हुआ, पट्टी रखने के बाद भी बुखार कम न होने पर बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
उनका कहना है कि एक तरह बच्चे संक्रामक रोग से कराह रहे हैं, वहीं जिला अस्पताल में उनके इलाज के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। वार्डों में सफाई नहीं है। वहीं डॉक्टरों ने बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने मौसम के बदलते तेवर से संक्रामक रोगियों के बढ़ने की आशंका है।
इधर कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी के साथ बदलते मौसम ने संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड 45 बेडों का है। इस समय 35 बच्चे भर्ती हैं, जो बुखार से पीड़ित हैं।
इन सभी को 103 से 104 डिग्री तक बुखार आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसमें शालू (4) निवासी अलईपुर जगतपुर, अमरपाल (2) निवासी पोरई सतांव, अह्म मौर्या (2) निवासी कंचौदा नानकारी, महताब (1) निवासी बंदरामऊ, यश (1) निवासी सेमरी रनापुर, प्रियांशू (2) निवासील कंचनावां,
माही (1) कंधईपुर फुरसतगंज, आजाद (2) निवासी बाबूगंज ऊंचाहार, दिनेश (1) निवासी सतांव, अंबुज (1) निवासी फुरसतगंज, अनिल (1) निवासी ऊंचाहार, राहुल (1) निवासी सतांव समेत 35 बच्चे शामिल हैं। तीमारदारों की मानें तो इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। डॉक्टर समय से वार्ड नहीं पहुंचते हैं। साफ-सफाई व्यवस्था रामभरोसे है।
देखभाल के लिए तैनात दो डॉक्टर
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों को बेहतर इलाज के लिए दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसमें डॉ. राजेंद्र शर्मा व डॉ. अजय सिंह की तैनाती है। बुखार से बच्चों की बढ़ती तादाद से डॉक्टर और स्टाफ भी हलाकान है। उसका कहना है कि हालात यही रहे तो बच्चा वार्ड हाउस फुल हो जाएगा।
बच्चों को धूप से बचाएं
जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल का कहना है कि गर्मी अधिक पड़ रही है। इसलिए बच्चों की देखभाल में लापरवाही न करें। उन्हें धूप से बचाएं। खानपान पर विशेष ध्यान दें। बीमार होने पर झोलाछाप डॉक्टर के बजाय सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।
बेहतर इलाज देने का हो रहा प्रयास
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि मौसम की वजह से बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बच्चा वार्ड में दो डॉक्टरों की तैनात की गई है। अस्पताल आने वाले बच्चों को बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है। साफ-सफाई के भी निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारी लापरवाही बरतते हैं तो कार्रवाई होगी।