बछरावां (रायबरेली)। पांच साल से अंदर ही अंदर दोनों गुटों के बीच नफरत की चिंगारी सुलग रही थी। दोनों गुट एक दूसरे को मात देने में लगे थे। रिंकू सिंह हत्याकांड के बाद गांव का माहौल गम और गुस्से में बदल गया है। खाकी भी इस घटना के लिए कम जिम्मेदार नहीं है। दोनों पक्षों के बीच मामला ठंडा होना समझ खाकी हाथ पे हाथ धरे बैठी थी। घटना के बाद सन्नाटा पसरा है। बाजार बंद हो गए हैं।
मारे गए रिंकू सिंह की पत्नी मंजू सिंह इस बार प्रधान चुनी गई थीं। बताया जाता है कि प्रधानी के चुनाव के समय घटना में नामजद किए गए जिला सहकारी बैंक के पूर्व डायरेक्टर धर्मेंद्र मिश्रा उर्फ पप्पू ने दूसरे प्रत्याशी शिवकुमारी जायसवाल का समर्थन किया था, लेकिन वह चुनाव हार गई थीं। रिंकू सिंह दबंग किस्म का था।
उसने कई बार धर्मेंद्र मिश्रा पर हमला किया था, जिसकी एफआईआर भी थाने में दर्ज की गई थी। पांच साल से दोनों गुटों के बीच टकराव चल रहा था। इधर, कुछ दिन से मामला तो शांत था, लेकिन अंदर ही अंदर दोनों गुटों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी।
पुलिस भी इसको लेकर अंजान थी। यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो यह घटना न होती। रिंकू की हत्या से पत्नी मंजू सिंह, पिता हरीश सिंह, मां सुषमा सिंह, बेटा धनंजय सिंह और भाई रितेश सिंह के आंसू नहीं थम रहे हैं।
उधर, प्रधान पति की हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल है। किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस ग्रामीणों पर नजर रख रही है, ताकि किसी तरह का कोई विवाद न होने पाए।
अपराधी था रिंकू सिंह, दर्ज हैं 11 मुकदमे
मारा गया रिंकू सिंह अपराधी किस्म का था। उसके खिलाफ कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक रिंकू सिंह के विरुद्ध रायबरेली के बछरावां और उन्नाव जिले के मौरावां थाने समेत कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिंकू सिंह का पहला मामला वर्ष 2001 में दर्ज किया गया, जिसमें रिंकू सिंह के विरुद्ध हरिजन एक्ट व मारपीट का मामला दर्ज हुआ। इसी तरह वर्ष 2006, 2007, 2014, 2016 तथा 2017 में हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट तथा आर्म्स एक्ट आदि मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इसके अलावा ग्राम प्रधान के चुनाव को लेकर भी रिंकू सिंह की रंजित चलती थी।
तो क्या अत्याधुनिक हथियारों से की गई फायरिंग
बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान पति पर अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग की गई थी। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि जिन हथियारों से फायरिंग की गई, उसमें आवाज नहीं थी। पहले तो कोई घटना के बारे में जान तक नहीं पाया। प्रधान पति की चीख पर आसपास के लोग दौड़े तो देखा कि वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरा पड़ा था।