बछरावां (रायबरेली)। फॉल्ट ठीक करते झुलसे विद्युत उपकेंद्र बिशुनपुर में तैनात संविदा कर्मचारी की इलाज के दौरान बुधवार रात मौत हो गई।
उधर, विभागीय अधिकारियों की संवेदनहीनता से नाराज ग्रामीणों ने परिवारीजनों संग बांदा-बहराइच मार्ग पर बन्नावा के पास शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
इससे आवागमन ठप हो गया। वाहनों की कतारें लग गईं। उप जिलाधिकारी व एसओ ने जाम लगाए ग्रामीणों व परिवारीजनों को समझा-बुझाकर वहां से शव को हटवाकर जाम खुलवाया। इस पर तीन घंटे बाद जाम खुला।
बन्नावां का वशिष्ठ कुमार उर्फ दीपक कुमार (35) विद्युत उपकेंद्र विशुनपुर में संविदा लाइनमैन के रूप में तैनात था। 9 अगस्त को बगाही गांव में फॉल्ट ठीक करते समय वह झुलस गया था।
बुधवार को इलाज के दौरान लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में उसकी मौत हो गई। घटना के कई दिन बीतने के बाद भी विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे।
उधर, परिवारीजनों को इसका भी मलाल था। मौत के सदमे से परेशान परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ गुरुवार सुबह आठ बजे बन्नावा गांव के पास बांदा-बहराइच हाईवे पर शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
हाईवे जाम होते ही दोनों और वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इससे मुसाफिर बेहाल हो गए। मौके पर उप जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर और एसओ रवेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को मदद का आश्वासन देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
एक घंटे की मान-मनौव्वल के बाद उपजिलाधिकारी के आश्वासन पर ग्रामीण सड़क से हटे और जाम खुला। कर्मचारी की मौत से पिता कृष्णाकांत समेत अन्य परिवारीजनों में कोहराम मचा है।
पीड़ित परिवार को दिलाई जाएगी मदद : एसडीएम
उपजिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर ने बताया कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। ग्रामीणों की मांग के अनुरूप अंत्येष्टि के लिए विभाग की ओर से तत्काल सहायता दिला दी गई।
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दैवीय आपदा से परिवारीजनों को निपटने के लिए 8900 रुपये दिए जाएंगे।
साथ ही मृतक की पत्नी मनमोहिनी को विभाग में संविदा पर नौकरी देने का भरोसा दिया गया। वहीं पावर कॉर्पोरेशन की ओर से मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा।