कॉपियों के मूल्यांकन में पड़ सकता खलल
रायबरेली-बछरावां। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम 17 मार्च से शुरू होने वाला है, लेकिन वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों ने मूल्यांकन न करने की घोषणा की है।
इससे अफरातफरी का माहौल है। विरोध होने के कारण मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों की मांगे पूरी होने के बाद वे मूल्यांकन में समय से शामिल हो जाएंगे।
मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। बछरावां में वित्तविहीन शिक्षकों ने रैली निकालकर मूल्यांकन कार्य में ड्यूटी न करने का आह्वान किया। यहां पर हर साल करीब 1500 शिक्षकों की ड्यूटी लगती है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में जिले के 114 परीक्षा केंद्रों में 81 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिया। 13 मार्च से जिले की कॉपियां कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना होने लगी हैं।
दूसरे जिलों से आने वाली कॉपियां यहां 15 मार्च को आने की संभावना है। इस बार यहां राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में इंटर की कॉपियां, वैदिक इंटर कॉलेज और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियां जांची जाएंगी।
एक ओर जहां शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, वहीं वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार करने का घोषणा कर दी है।
मंगलवार को बछरावां क्षेत्र में माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अहिबरन सिंह ने साइकिल से भ्रमण कर शिक्षकों से मूल्यांकन बहिष्कार करने की अपील की।
रामदुलारी तालुकेदरिया इंटर कॉलेज सेहगों में प्रधानाचार्या आशा देवी एवं शाखा मंत्री अखिलेश कुमार ने कहा कि कोई शिक्षक मूल्यांकन नहीं करेगा। मांगे पूरी होने के बाद ही मूल्यांक किया जाएगा।