रायबरेली। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार को बाजार से महंगे इंजेक्शन लिखने का खेल पकड़ में आया। इसके अलावा अस्थि रोग विशेषज्ञ के कक्ष के गेट पर खड़े युवक ने पट्टी बांधने के नाम पर 1500 रुपये वसूले लिए।
मनमानी पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर सीएमएस के साथ ही पुलिस भी पहुंची, जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया है। अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया है। पूर्व में भी वसूली के मामले पकड़ में आने केे बाद भी अब तक अस्पताल प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है।
बुधवार को शहर निवासी राजेश कुमार जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रोगी लेकर पहुंचे तो उन्हें बाजार से इंजेक्शन खरीदने के लिए पर्ची लिख दी गई।
करीब नौ सौ रुपये का इंजेक्शन होने पर इसकी शिकायत सीएमएस से कर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सीएमएस व चौकी पुलिस के पहुंचने के पहले इंजेक्शन की पर्ची देने वाला भाग गया।
इमरजेंसी के चिकित्सक डॉ. संतोष सिंह का कहना है कि उन्होंने बाजार से खरीदने के लिए इंजेक्शन नहीं लिखा है। यह मामला शांत भी नहीं हुआ कि शहर के सैय्यद नगर की शबनम के पैर में पट्टी बांधने के नाम पर 1500 रुपये वसूलने को लेकर लोगों हंगामा शुरू कर दिया।
मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया है। उधर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने महिला के पैर में पट्टी बांधी है, लेकिन रुपये नहीं लिए हैं।
गेट पर किसी व्यक्ति ने रुपये वसूले है। काफी देर तक हंगामे के बाद मामला शांत हुआ। सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि बाजार से इंजेक्शन की पर्ची लिखने वाले को पता लगाया जा रहा है। साथ ही हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर महिला से रुपये की वसूली करने वाले का भी पता लगाया जा रहा है। मामले में कार्रवाई की जाएगी।