हाई-वे पर हिंसा मामले में चार और डीडीसी सदस्यों ने दर्ज कराए बयान
रायबरेली। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 14 मई को लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर हुई हिंसा के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच में चार और जिला पंचायत सदस्यों ने शुक्रवार को एडीएम कोर्ट पहुंचकर बयान दर्ज कराए। साथ ही वारदातों के संबंध में दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। मजिस्ट्रेटी जांच में अब तक 17 जिला पंचायत सदस्य बयान दर्ज करा चुके हैं।
14 मई को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला पंचायत सभागार में बैठक और मतदान होना था। जिला पंचायत सदस्यों को मतदान से रोकने के लिए हाईवे पर बछरावां स्थित टोल प्लाजा पर पीटने और अगवा करने का प्रयास किया गया था। इस संबंध में सीसीटीवी में कैद वीडीओ भी वायरल हुआ था।
इसके अलावा हरचंदपुर थाना क्षेत्र के कठवारा के पास भी सदर विधायक अदिति सिंह के वाहन भी पलट गए थे। मामले में कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। शासन के आदेश पर डीएम ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. राजेश प्रजापति को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. राजेश प्रजापति के सामने शुक्रवार को पेश होकर जिला पंचायत सदस्य राधेश्याम, राजेश कुमार, जितेंद्र कुमार व चंद्रिका प्रसाद ने हिंसा के संबंध में बयान दर्ज कराए हैं।
सदस्यों ने वारदातों के संबंध में दस्तावेज भी एडीएम को दिए। हिंसा के मामले में इससे पहले भी 13 जिला पंचायत सदस्य बयान दर्ज करा चुके हैं। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि अब तक 17 जिला पंचायत सदस्यों ने बयान दर्ज कराए है। जांच पूरी होने के बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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