दिल्ली क्राइम ब्रांच का डिप्टी एसपी बनकर रौब गांठने वाला गिरफ्तार
रायबरेली। दिल्ली क्राइम ब्रांच का डिप्टी एसपी बनकर आम जनता व पुलिस कर्मियों से रौब गांठने वाले एक युवक को सोमवार को दबोच लिया गया। हाईवे पर चेकिंग के दौरान ट्रैफिक इंचार्ज हरिशरन सिंह ने उसकी चेकिंग की तो उसके फर्जी अफसर बनने का खुलासा हुआ। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसके पास से एक कार, मोबाइल, मोहरें समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी सुल्तानपुर जिले का रहने वाला है।
लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर सिविल लाइंस चौराहा के पास ट्रैफिक इंचार्ज हरिशरन सिंह वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान लखनऊ से कार पर सवार एक युवक इलाहाबाद की तरफ जा रहा था। ट्रैफिक इंचार्ज ने युवक को रोका तो उसने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का डिप्टी एसपी बताया। यही नहीं फर्जी पहचान पत्र भी दिखाया। इस पर ट्रैफिक इंचार्ज को कुछ शक हुआ तो उन्होंने कड़ाई से पूछताछ करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दे दी गई। वरिष्ठ उप निरीक्षक राकेश सिंह टीम के साथ पहुंचे और उसे हिरासत में लेकर कोतवाली ले आए।
पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा के मुताबिक पकड़े गए आरोपी का नाम राजा पांडेय उर्फ आशुतोष पांडेय उर्फ मुन्ना पांडेय है, जो बेनीपुर थाना लंभुआ जिला सुल्तानपुर का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि इसके पास से बरामद की गई कार का नंबर डीएल 8 सीएम 0691 है। यह कार किसकी है, इसका पता नहीं चल सका है। इसके अलावा दो फर्जी मोहरें, एक कूटरचित पहचान पत्र, भारत सरकार क्राइम ब्रांच का स्टीकर, चार मोबाइल भी बरामद हुए है। उन्होंने बताया कि केस दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है।
कागज दिखाने पर बोला, गुम हो गए
ट्रैफिक इंचार्ज ने बताया कि चेकिंग के दौरान आरोपी से जब गाड़ी के कागज दिखाने की बात कही गई तो उसने जवाब दिया कि गुम हो गए हैं। साथ ही उसने फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली और मध्य प्रदेश के सेमरौता थाने के मोहर लगी दो प्रार्थनापत्र मिले, जिसमें गाडी़ के कागजात गायब होने की बात लिखी थी। जांच में पता चला कि उसने स्वयं पत्र लिखकर फर्जी थाने की मोहर लगा रखी थी।