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शिक्षित हों बेटियां, देश में लाएं उजियारा

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इन्हौंना (रायबरेली)। शिक्षित बेटियां ही देश का भविष्य हैं। आज बेटियां किसी से कमजोर नहीं हैं। वे खेल, विज्ञान समेत हर क्षेत्र में तरक्की का नया अध्याय लिख रही हैं। जरूरत है कि बेटियां शिक्षित हों और देश में उजियारा फैलाएं। अभिभावक भी अपनी जिम्मेदारी को समझें और बेटा-बेटी में कतई भेदभाव न करें। इस सोच से अभिभावक ऊपर उठें और अपनी बेटियों को शिक्षित करके उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें। अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के रामजानकी वाजपेयी बालिका इंटर कॉलेज सेमरौता में सोमवार को शिक्षित बेटियां ही देश का भविष्य विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें कुछ इसी अंदाज में छात्राओं ने अपनी बात बेबाकी के साथ रखी।
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प्रत्येक लड़की को शिक्षित होने का मौका दें तो देश तरक्की करेगा। ऐसे में शिक्षित महिला के माध्यम से पूरे परिवार के साथ-साथ देश भी शिक्षित होगा।
- कर्ण बाजपेयी, प्रबंधक


समाज में बेटियां उच्च स्थानों पर कार्यरत हैं। बेटियां कमजोर नहीं, बल्कि दिन-प्रतिदिन और मजबूत हो रही हैं। बेटियों को हर हाल में शिक्षित किया जाए। - केपी शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी


देश के विकास में शिक्षित महिलाओं की भी बराबर की भागीदारी रहती है और रहेगी। हमें समाज की व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना होगा। महिलाएं अब किसी से कमजोर नहीं हैं।
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- राजेश पांडेय, समाजसेवी


देश में बेटियां हर क्षेत्र में पुरुष वर्ग से कंधे में कंधा मिलाकर चल रही हैं। हमें अपने को और मजबूत और सशक्त बनाने की जरूरत है।
- लक्ष्मी पांडेय, छात्रा


एक लड़की अगर शिक्षित हो तो वह पूरे देश को शिक्षित करने में सक्षम है। महिलाओं को समान अवसर देकर हमको देश को और मजबूत करना है।
- संगीता यादव, छात्रा


आज भारत विश्व में अपनी पहचान चुका है। समय-समय पर हमारे देश का प्रतिनिधित्व महिलाओं द्वारा विभिन्न पदों पर रह कर किया जा चुका है।
- सौम्या वाजपेयी, छात्रा


हमें आज समाज से भी खुल कर बोलने का मौका मिला रहा है। शर्म को लोग मजबूरी समझ लेते हैं और इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए डरो नहीं। - सुनीता, छात्रा
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बेटियां अब किसी से कमजोर नहीं रहीं। बस जरूरत है कि वह अपने अधिकार जानें और हक के लिए आवाज उठाएं।
- अनुष्का, छात्रा


बेटियां का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके खिलाफ हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। पुलिस भी अपना कार्य ठीक से करे।
- मोनी, छात्रा


बेटा-बेटी दोनों को शिक्षित करना चाहिए। दोनों ही देश का विकास करेंगे। अब बेटियां किसी से कमजोर नहीं हैं।
- सोनी शुक्ला, छात्रा


बेटियां स्वरोजगार अपनाएं। सिलाई-कढ़ाई में ध्यान दें। ऐसा होने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
- मानवी मिश्रा, छात्रा


बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है, जो ठीक नहीं है। इसके लिए हम सबको उनके सम्मान में आवाज उठानी चाहिए।
- मोहिनी, छात्रा


महिलाएं खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य क्षेत्रों में तरक्की कर रही हैं। इसी तरह महिलाओं को अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
- श्रद्धा पांडेय, छात्रा
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