सीएमओ को तीन दिन में झोलाछाप पर कार्रवाई करने क ा आदेश
रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले में पांच हजार से अधिक झोलाछाप लोगों की जान के दुश्मन बने हैं।
कार्रवाई के नाम पर खानापूरी किए जाने के कारण गोरखधंधा फलफूल रहा है। इस मामले को पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था।
इस पर मामले में सीएचसी-पीएचसी के निदेशक ने सीएमओ को तीन दिन में झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिले के सभी कस्बों में झोलाछाप का मकड़जाल फैला हुआ है। शासन के बार-बार निर्देशों के बाद भी विभाग झोलाछाप पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
सलोन क्षेत्र में करहिया के पास बिना लाइसेंस के एक अस्पताल में गर्भपात का प्रयास किया गया, तो जगतपुर कस्बे में सलोन रोड पर झोलाछाप के इलाज से बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा अन्य तमाम केस सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे बैठा है।
शासन के आदेश पर चार महीने पहले विभाग ने अभियान चलाकर तीन दर्जन से अधिक झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी को तहरीर भेजी, लेकिन आज तक अवैध क्लीनिक संचालित हैं।
गोरखधंधे को रोक पाने में विभाग पूरी तरह से असफल है। मामले में शासन ने सीएमओ को तीन दिन के अंदर झोलाछाप पर कार्रवाई करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। इससे विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।