सलोन (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में पूजा पंडाल गई पांच साल की बच्ची के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप का प्रयास किया। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर जमकर धुुना। इसके बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन प्रकरण में कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा कुछ असरदार लोगों के शह पर पुलिस समझौते का दबाव बनाने लगी। खास बात ये है कि कोतवाल ने घटना की जानकारी सीओ तक को नहीं दी। क्षेत्रीय लोगों में कोतवाल के प्रति नाराजगी व्याप्त है।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रविवार की रात पूजा पंडाल में माता की आरती का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच नशे में धुत तीन युवकों ने पंडाल से पांच वर्षीय नाबालिग को मुंह दबाकर अगवा कर लिया और पास के जंगल में ले जाकर उसके साथ रेप का प्रयास करने लगे।
लड़की की चीख सुनकर पहुंचे परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर तीनों युवकों को पकड़कर जमकर पिटाई पीटा। इसके बाद आरोपियों को पुलिस के हवाले करते हुए हंगामा किया। वहीं पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय आरोपी युवकों के साथ सुलह समझौता का दबाव बनाकर घटना को दफन कर दिया।
यह घटना रविवार देर शाम की है। सोमवार को जब पीड़िता पिता व ग्रामीणों के साथ कोतवाली न्याय की आस लेकर पहुंची तो आरोपी पक्ष से कुछ असरदार लोग पुलिस से मिल बैठे। इसके बाद पुलिस ने इतनी बड़ी वारदात को बगैर किसी कानूनी प्रक्रिया के खत्म कर दिया।
सलोन कोतवाल रामाशीष उपाध्याय ने बताया कि शनिवार की देर रात सौ नंबर को सूचना हुई थी कि एक लड़की लापता हो गई है, लेकिन थोड़ी देर में ही व लड़की मिल गई। उसके मुंह में चोट लगी थी। जैसे कहीं गिरने से चोट लगी हुई हो। परिवारीजनों से मुकदमा लिखाने के लिए कहा था, लेकिन लड़की पक्ष सुलह की कॉपी सौंप कर चला गया।
उधर, सीओ महराजगंज गोपीनाथ सोनी ने बताया कि बच्ची के साथ गैंगरेप के प्रयास के घटना की सूचना कोतवाल ने नहीं दी है। मामले को दिखवाया जाएगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।