रायबरेली। कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे को लेकर जिले के जिम्मेदार मनमानी पर अमादा हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेश को ठेंगे पर रखने वाले जिला अस्पताल के सीएमएस, 19 सीएचसी अधीक्षकों समेत 71 डॉक्टरों से जवाब मांगा गया है। रोजाना 4200 लोगों के कोरोना जांच के लक्ष्य के बाद भी 400 से भी कम जांच की जा रही है। सीएमओ ने नोटिस जारी करके सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए जिले में हर रोज 4200 लोगों की कोरोना जांच के आदेश दिए गए हैं। इसमें 2700 लोगों की आरटीपीसीआर और 1400 लोगों की एंटीजन किट से जांच करने के आदेश हैं।
आदेश को आए 15 दिन बीत गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल, सीएचसी बेलाभेला, बछरावां, डलमऊ, डीह, दीनशाह गौरा, खीरों, लालगंज, महराजगंज, नसीराबाद, सलोन, सरेनी, शिवगढ़, ऊंचाहार में एक भी कोरोना की जांच नहीं की गई। सिर्फ डॉ. ऋषी बागची की टीम ने शहर में 100 लोगों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए।
बार-बार निर्देश के बाद भी जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में आरटीपीसीआर जांच नहीं की जा रही है। इससे नाराज सीएमओ ने सोमवार को जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या के अलावा सभी 19 सीएचसी अधीक्षकों व 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को नोटिस देकर लक्ष्य के सापेक्ष जांच शुरू न कराने के संबंध में तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं।
जवाब आने के बाद कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने अधीक्षकों को तत्काल लक्ष्य के सापेक्ष कोरोना की जांच कराने के आदेश दिए हैं।