रायबरेली। ...तुम्हारा फार्म मेरे पास आया है। तुुमने सम्मान निधि में ऑनलाइन फार्म भरा था ना। कितनी जमीन है। किसान ने जवाब दिया सर, 15 बिस्वा है।
आपका फार्म आपके व्हाट्एसएप पर भेज रहा हूूं। चेक कर लो। बड़ौदा ग्रामीण बैंक का खाता लगा है ना। आधार कार्ड नंबर चेक करो एक बार। 11 किश्तों का आपका 22 हजार रुपये बकाया है।
कोरोना काल का भी पैसा पड़ा है। कुल 34 हजार रुपये सम्मान निधि के तहत आपको मिलेंगे, लेकिन इसके लिए चाय-पानी लगेगा।
बातचीत का यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को लखनऊ का कृषि कल्याण अधिकारी बताकर किसान से सम्मान निधि दिलाने के एवज में घूस मांग रहा है। ऑडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है।
दरअसल, राही ब्लॉक क्षेत्र के खागीपुर सड़वा गांव निवासी सुरेंद्र कुुमार त्रिवेदी को एक व्यक्ति ने मोबाइल पर फोन कर खुद को लखनऊ का कृषि कल्याण अधिकारी अरुण शुक्ला बताया। यह व्यक्ति सम्मान निधि दिलाने के नाम पर सुरेंद्र से चाय-पानी के रुपये की डिमांड करने लगा।
किसान ने जब बताया कि वह बाहर है तो कृषि कल्याण अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि आपको मैं अपनी पत्नी और भाई का खाता नंबर भेज रहा हूं।
उसमें चार हजार रुपये डाल दो। चाय-पानी का पैसा मिलने पर ही तुम्हारा पैसा मिल पाएगा। यह भी धमकी दी कि यदि किसी व्यक्ति को पैसा देने के लिए मेरे पास भेज रहे हो तो उसे बता देना कि वीडियो नहीं बनाएगा, क्योंकि मेरी सरकारी नौकरी है।
यदि वीडियो बनाएगा तो तुम्हारा फार्म ऐसे कर दूंगा कि तुम्हें कभी पैसा मिलेगा ही नहीं। ऑडियो वायरल होने के बाद जिस नंबर से किसान को फोन किया गया था वह स्विच ऑफ बता रहा है। पीड़ित किसान ने डीएम को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
एक माह बाद भी सत्यापन का काम पूरा नहीं
अमर उजाला ने 27 जून को 33 हजार मुर्दे ले रहे पीएम सम्मान निधि का लाभ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद हड़कंप मच गया था। कृषि विभाग और राजस्व विभाग की तरफ से सत्यापन का काम शुरू कराया गया था कि किस किसान के खाते में मौत होने के बाद भी सम्मान निधि भेजी गई। यदि ऐसा हुुआ है तो पैसा रिकवरी कराई जाएगी। होते करते एक माह बीत गया है, लेकिन सत्यापन का काम पूरा नहीं हो सका है। चाहे फिर कृषि विभाग के अधिकारी हों या फिर राजस्व विभाग के अधिकारी। इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।
विभाग में कृषि कल्याण अधिकारी का कोई पद ही नहीं है। किसान से सम्मान निधि दिलाने के नाम पर पैसा मांगा है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी।
एचएन सिंह, उप कृषि निदेशक
प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने में मनमानी नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह सीधे ऑनलाइन फार्म भेजा जाता है। केंद्र सरकार की तरफ से ही ऑनलाइन पैसा भेजा जाता है। जिसने भी कृषि कल्याण अधिकारी बताकर किसान से पैसा मांगा है, वह कोई ठग है। किसानों को इस तरह के फोन करने वाले लोगों से बचना चाहिए।
रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी