रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सामने औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में नशीली दवाओं की जांच की। दुकानों पर दवाओं से संबंधित बिल न मिलने पर 10 नशीली दवाओं की बिक्री रोकते हुए संचालकों को तीन दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं। पांच मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद करके भाग गए। मामले में संबंधितों को नोटिस देकर लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी दी गई है।
औषधि निरीक्षक मंगलवार को एम्स के सामने मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। बताते हैं कि दवाओं के थोक विक्रेता धैर्य इंटरप्राइजेज के संचालक मौके पर नहीं मिले। औषधि निरीक्षक को निरीक्षण के दौरान इंटरप्राइजेज पर मौजूद लोग दवाओं से संबंधित बिल वाउचर व स्टाक नहीं दिखा सकें।
डीआई ने शुक्ला मेडिकल स्टोर, सिफोरा मेडिकल स्टोर, मौर्या मेडिकल स्टोर, कृष्णा मेडिकल स्टोर, सांभवी मेडिकल स्टोर, सुंदर मेडिकल स्टोर सहित करीब 10 दुकानों पर नशीली दवाओं की जांच की। दवाएं तो मिलीं, लेकिन दवाओं से संबंधित बिल न मिलने पर बिक्री रोकते हुए तीन दिन में जवाब मांगा। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि दुकानदारों को तीन दिन का समय दिया गया है। जवाब न आने पर लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।